लेकसिटी में पारा 36 डिग्री पार निकल चुका है। गर्मी बढ़ने के साथ ही आने वाले दिनों पानी की खपत भी बढ़ना तय है। मांग बढ़ने के साथ ही शहर की झीलों में पानी का स्तर तेजी से कम होगा। लेकिन, शहर में पेयजल आपूर्ति करने वाले जलदाय विभाग और बांधों को संभालने वाले जलसंसाधन विभाग ने शहर की लाइफलाइन पिछोला आैर फतहसागर को भरने के लिए अभी तक कोई योजना नहीं बनाई है। इन झीलों को भरने के लिए कैचमेंट में बने आकोदड़ा, मादड़ी, अलसीगढ़ बांध से पानी लाने की कोई तारीख तय नहीं की है। दूसरी ओर, वर्तमान में फतहसागर का जलस्तर 9.6 फीट है। जबकि, इसकी क्षमता 13 फीट है। यानी झील 3.6 फीट खाली है। पिछोला झील का स्तर कुल क्षमता 11 फीट के मुकाबले 9.4 फीट है। यानी यह झील भी 1.8 फीट खाली है। मादड़ी बांध में अभी 49.92 एमसीएफटी, अलसीगढ़ में 70 एमसीएफटी और आकोदड़ा में 236 एमसीएफटी पानी उपलब्ध है। शहर में पेयजल सप्लाई के लिए पिछोला से रोज 31 एमएलडी और फतहसागर से 18 एमएलडी पानी लिया जा रहा है। पिछोला झील से ओल्ड सिटी के करीब सवा लाख लोगों को पानी मिलता है। जबकि, फतहसागर से फतहपुरा सहित आसपास के लगभग 50 हजार लोगों की प्यास बुझाई जाती है। अभी आकोदड़ा, मादड़ी, अलसीगढ़ बांध से पानी लाने का सबसे सही समय है। तापमान में और बढ़ोतरी होने पर रास्ते में पानी का वाष्पीकरण तेजी से होगा। 2029 में मिलेगी राहत… देवास तृतीय और चतुर्थ बांध का काम जारी देवास तृतीय गोगुंदा तहसील के नाथियाथल में 703 एमसीएफटी क्षमता और देवास चतुर्थ में अंबा गांव के पास 390 एमसीएफटी का बांध बनेगा। इसके बाद शहर में पेयजल सप्लाई सुचारू रहेगी। यह प्रोजेक्ट वर्ष 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है। करीब 1100 एमसीएफटी के दोनों बांध से 1 हजार एमसीएफटी पानी शहर की झीलों में पेयजल के लिए डायवर्ट किया जाएगा। बता दें कि गर्मियों में झीलें लबालब होने से पर्यटन को फायदा मिलेगा। गर्मियो में यहां आने वाले पर्यटक अपनी शाम झील के किनारे बिताना पसंद करते हैं। झीलो में पानी आने से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। ठंडा मौसम अनुकूल, पानी का वाष्पीकरण नहीं होगा जलसंसाधन विभाग अप्रैल माह तक पानी लाता है। इससे आधे से ज्यादा पानी रास्ते में नष्ट हो जाता है। गत वर्ष विभाग मार्च में ही पानी लाया था। इससे झीलों में ज्यादा पानी आया। अभी मौसम ठंडा है, इसलिए यह उपयुक्त समय रहेगा कि बांधों से पानी लाकर पिछोला, फतहसागर को भरा जाए। इनका स्तर घटता जा रहा है। -प्रो. महेश शर्मा, पर्यावरण प्रेमी शहर में रोज 150 एमसीएफटी पानी की जरूरत, सप्लाई 100 ही शहर की 6 लाख की आबादी के लिए हर रोज 150 एमसीएफटी पानी की जरूरत है। लेकिन, 100 एमसीएफटी पानी ही उपलब्ध है। शहर में पिछोला, फतहसागर से 49 एमएलडी, करीब 25-25 एमएलडी पानी मानसी वाकल आैर जयसमंद झील से उठाया जाता है। इसके साथ बड़ी तालाब सहित अन्य जलाशयों से जरूरत पड़ने पर पानी उठाया जाता है।


