पंजाब पुलिस द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे बुलडोलर एक्शन के तहत आज (25 मार्च को) जिला फतेहगढ़ साहिब के अमलोह एक्शन हुआ। इस दौरान हरजीत सिंह नाम के व्यक्ति की अवैध तरीके से बनाई गई प्रॉपर्टी को गिराया गया। गिराई गई प्रॉपर्टी आलीशान घर था, जिसका अभी काम चल रहा था। मौके प्रशासन व पुलिस क सभी सीनियर अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी हरजीत सिंह पर चार एनडीपीएस और एक हत्या की कोशिश का केस दर्ज है। जबकि आरोपी की माता बलजीत कौर लड़ाई झगड़े के केस दर्ज हैं। पूरा परिवार नशे की तस्करी में शामिल थे। मकान गिराने में गांव वालों ने पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग किया। एक अवैध निर्माण को गिराया है। आगे भी यह कार्रवाई चलती है। इस मौके अधिकारियों ने कहा कि वह नशा छोड़ दे, वरना उन पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार का फोकस नशा खत्म करने पर पंजाब सरकार इस समय नशे के खिलाफ स्पेशल मुहिम चला रही है। इसमें पुलिस और प्रशासन की टीमें जहां मिलकर काम कर रही है। वहीं, सरकार की तरफ से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अगुवाई में पांच मंत्रियों की एक हाई लेवल कमेटी बनाई है। यह कमेटी सभी जिलों में जाकर लोगों से मुलाकात कर फीडबैक ले रही है। इसके अलावा गांव में हेल्थ कमेटियां गठित की गइ है। यह कमेटियां लोगों को जागरूक कर रही है। इस तरह गिराने वाली प्रॉपर्टी की हो रही है पहचान नशा तस्करों की पहचान करने के लिए सरकार ने पुलिस को जिम्मेदारी दे रखी है। पुलिस द्वारा नशा तस्करी के हॉटस्पॉट एरिया की पहचान की जा रही है। साथ ही नशा तस्करों की प्रॉपर्टी के बारे में पड़ताल की जा रही है। ऐसे में जो संपत्ति नशा तस्करी के पैसे से बनी साबित हो रही है। उसे तो अटैच करवाया जा रहा है। इसके अलावा जो निर्माण सरकारी जमीन पर किया गया तो उसे सरकार द्वारा गिराया जा रहा है। विपक्षी दल इस मुहिम पर सवाल उठा रहे हैं सरकार के नशों के खिलाफ चल रही मुहिम का पंजाब के विराेधी दलों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं। सीएलपी ने प्रताप सिंह बाजवा का कहना है कि इस दौरान ऐसे घरों को गिराया जा रहा है, जहां पर कोई रहता नहीं है। इस तरह नहीं होना चाहिए। हालांकि यह मामला पंजाब एंड हरियाणा में भी पहुंचा हुआ है। अदालत ने प्रशासन के एक्शन को सराहा है। हालांकि अदालत ने कहा कि अधिक नशा तस्कर पकड़ने वाले पुलिस अधिकारियों को प्रमोशन देना उचित नहीं है।


