फतेहाबाद जिले की साइबर थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने के मामले में एक आरोपी को राजस्थान के बीकानेर जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आरोपी की पहचान बीकानेर स्थित लाखोटियों का चौक निवासी वेदप्रकाश छगानी के रूप में हुई है। आरोपी ने रिटायर्ड वीएलडीए से ठगी की थी। वॉट्सऐप पर कॉल कर खुद को बताया साइबर सेल अधिकारी साइबर थाना प्रभारी राहुल देव ने बताया कि भूना के वार्ड नंबर दस निवासी लेखराज की शिकायत साइबर पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हुई थी। उन्होंने बताया कि वह वीएलडीए पद से सेवानिवृत्त हैं। 6 नवंबर 2025 को उनके मोबाइल नंबर पर वॉट्सऐप कॉल आई, जिसमें कॉलर ने स्वयं को मुंबई साइबर सेल का अधिकारी बताया। उसने कहा कि उनके आधार कार्ड पर फर्जी खाता खोला गया है, जिससे आतंकवादी गतिविधियों में धनराशि ट्रांसफर की गई है। आरोपी ने आरबीआई के नाम से फर्जी पत्र भेजकर विभिन्न खातों में राशि जमा करवाने का दबाव बनाया तथा पुलिस कार्रवाई का भय दिखाया। चार दिन में 13 लाख रुपए कर दिए ट्रांसफर डर के कारण शिकायतकर्ता ने आरोपियों द्वारा उपलब्ध करवाए गए विभिन्न बैंक खातों में 7 नवंबर 2025 से 11 नवंबर के बीच कुल 13 लाख 5 हजार रुपए आरटीजीएस/एनईएफटी के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब राशि वापस नहीं आई और आरोपियों द्वारा लगातार अतिरिक्त धनराशि की मांग की जाती रही। इसके बाद लेखराज को अपने साथ हुई ठगी का आभास हुआ और उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई। शुरुआती जांच के आधार पर साइबर पुलिस ने 17 नवंबर 2025 को बीएनएस की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज किया गया। इस मामले में दो आरोपी पहले भी काबू किए जा चुके हैं।


