फाग गीतों से मनोविकार त्यागने का संदेश

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की टोंक शाखा स्थित राजयोग भवन में होली स्नेह मिलन समारोह हर्षोल्लास, आध्यात्मिक उमंग और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। जिसमें बड़ी संख्या में बीके भाई-बहनों ने भाग लेकर आध्यात्मिक रंगों में रंगकर होली का पर्व मनाया और ब्रह्माकुमारी अपर्णा दीदी, बीना दीदी, ऋतु दीदी, गुंजन दीदी, अनीता दीदी और राजयोगी बीके पांचू भाई के साथ फूलों और गुलाब जल से होली खेली। इस दौरान फाग गीतों पर झूमते हुए नृत्य भी किया गया, इससे पूरा वातावरण आनंद और उल्लास से भर गया। समारोह का विशेष आकर्षण दो नन्ही बालिकाएं रहीं, जिन्हें श्रीकृष्ण और राधारानी के रूप में सुसज्जित किया गया था। उनकी मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया और समारोह को और भी आकर्षक बना दिया। राजयोगी बीके प्रहलाद ने ब्रह्माकुमारी अपर्णा दीदी का माला, चूंदड़ी और साफा पहनाकर सम्मान किया। स्थानीय सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी अपर्णा दीदी ने कहा कि होली का वास्तविक संदेश आंतरिक बुराइयों का दहन करना है। हमें काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार और ईर्ष्या जैसे मनोविकारों की होली जलाकर अपने जीवन को ज्ञान, योग, धारणा और सेवा के दिव्य रंगों से सजाना चाहिए। ब्रह्माकुमारी ऋतु दीदी ने होली के आध्यात्मिक महत्व को बताते हुए कहा कि “होली” का अर्थ है – होली, अर्थात जो बीत गया उसे बीती बात समझकर उस पर बिंदी लगा देना और भविष्य के लिए श्रेष्ठ संकल्प करना। इस दौरान खेमचंद आहूजा और ओमप्रकाश गुप्ता ने होली को प्रेम, भाईचारे और सद्भाव के साथ मनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक मिलन, आध्यात्मिक गीतों और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

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