फाजिल्का जिले के जलालाबाद के साथ लगते गांव खैरे की उताड़ का रहने वाला अमृतपाल अब भारत वापिस लौट रहा है। इस बात की पुष्टि उसके पिता जगराज सिंह ने की है। उनका कहना है कि पाकिस्तान जेल में बंद उसके बेटे से उनकी 20 मिनट बात हुई है। जिस दौरान उसने बताया कि अब उसकी एंबेसी क्लियर हो गई है, वह अपनी सजा पूरी कर चुका है और अब वह जल्द ही भारत वापस लौटेगा। परिवार में खुशियों का माहौल है। पारिवारिक सदस्य अमृतपाल के वापिस आने की तैयारी कर रहे हैं। कीटनाशक का छिड़काव कर रहा था बता दे कि तारबंदी के उस पार खेत में कीटनाशक दवा का छिड़काव करने गया अमृतपाल गलती से पाकिस्तान चला गया था। जिसके बाद उसे पाकिस्तान में सजा हुई थी। अमृतपाल के पिता जगराज सिंह ने बताया कि वह सरहदी गांव खैरेके उताड़ के रहने वाले है। उनका बेटा अमृतपाल 21 जून 2025 को अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया था। पंजाब के 7 लोगों की सजा पूरी जगराज सिंह के अनुसार अमृतपाल खेत में चूहों को बेहोश करने वाली दवा का छिड़काव कर रहा था। दवा के असर और उसके बाद चाय पीने की वजह से उसे चक्कर आने लगे और बेहोशी की हालत में वह गलती से पाक सीमा में दाखिल हो गया। उसे पाकिस्तानी रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया था। गत दिन पाकिस्तान की जेल में बंद पंजाब के 7 लोगों की सजा पूरी होने के बाद रिहाई की गई है, जिनकी एंबेसी बुधवार को क्लियर हो गई थी। जगराज सिंह के अनुसार अमृतपाल के की एंबेसी शुक्रवार को क्लियर हो चुकी है और किसी भी समय अमृतपाल की रिहाई हो सकती है। पाक की कोर्ट ने लगाया 50 हजार जुर्माना पाकिस्तानी पुलिस ने बॉर्डर क्रॉसिंग का केस दर्ज कर अमृतपाल को कोर्ट में पेश किया था। पाक की कोर्ट ने अमृतपाल को एक महीने के कारावास और 50 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई थी, जो पूरी हो चुकी है। रिहाई की खबर मिलते ही अमृतपाल के परिवार ने इस खबर पर राहत की सांस ली। जेल अफसरों की निगरानी में हुई बात अमृतपाल के पिता जगराज सिंह के अनुसार 4 फरवरी को अमृतपाल ने पाक जेल से फोन पर जानकारी दी है कि उसकी एंबेसी क्लियर हो चुकी और शीघ्र ही रिहाई की संभावना है। उन्होंने बताया कि पाक जेल में बंद भारतीय कैदियों को जेल अफसरों की निगरानी में परिवार के साथ हर बुधवार को 20 मिनट तक बात करने की इजाजत होती है, इसी के तहत अमृतपाल से उनकी बात हुई है।


