फाजिल्का जिले की नहरों में आ रहे दूषित पानी की वजह से अब लोगों को पीने के पानी को लेकर बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है l घल्लू गांव एक ही नल से पीने के पानी का मोहताज है l सुबह शाम लोगों को गांव के वाटर वर्कर्स के इस जमीन पानी के चल रहे नल से पानी भरते देखा जा सकता है l लाइन में लगे लोग अपनी बारी का इंतजार करते हैं और पीने का पानी भर घर ले जाते हैं l लोगों को कहना है कि यह जमीनी पानी भी पीने लायक नहीं है l इसके बावजूद में है यह पानी पीने के लिए मजबूर है l इलाके का जमीनी पानी खराब गांव घल्लू के रहने वाले परमाचंद, मंगत सिंह, नरेश कुमार, गुरमीत सिंह बताते हैं कि वह रोजाना वाटर वर्कर्स के बाहर लगे जमीनी पानी के इस नल से पानी भरने के लिए आते हैं, क्योंकि उनके पास इसके अलावा और कोई चारा नहीं है। पूरा गांव इस नल का मोहताज है और यहां से पानी पीना उनकी मजबूरी है l वैसे भी उनके इलाके का जमीनी पानी खराब है l जिसके लिए वह यह पानी पीने के लिए मजबूर है l नहरों का पानी पीने लायक नहीं वहीं नहरों में आ रहा दूषित पानी वाटर वर्कर्स के जरिए उनके घरों तक पहुंचता है, जो पीने लायक नहीं है l उन्होंने मांग की है कि सरकार उनके गांव में आरओ सिस्टम लगवाएं l जिससे शुद्ध और साफ पानी लोग पी सके l उन्होंने कहा कि पानी एक बुनियादी सुविधा है और लोगों को यह सुविधा देना सरकार की जिम्मेदारी है l एडीसी बोले-पानी की हो रही टेस्टिंग उधर एडीसी डॉक्टर मनदीप कौर ने कहा कि मामले में नहरों में आ रहे गंदे पानी को लेकर वाटर वर्कर्स में नहरों के पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है l जबकि अन्य तरीके से वाटर सप्लाई विभाग द्वारा पानी की टेस्टिंग करवाने के बाद मोटर के जरिए पानी लोगों तक पहुंचा जा रहा है, लोगों को पीने के लिए उपलब्ध हो रहा है l


