टोंक जिले में 50 ग्राम पंचायतों में सोमवार से शुरू हुए फार्मर रजिस्ट्री शिविर किसानों के लिए फायदेमंद कम और नुकसानदायक ज्यादा रहे। दिनभर रूक-रुक कर सर्वर ठप रहने से किसानों का कार्य बाधित रहा। ऐसे में दिनभर किसान इसी काम में उलझे रहे। जिले में सोमवार से 50 ग्राम पंचायतों में एक साथ तीन दिवसीय फार्मर रजिस्ट्री कैंप शुरू किए गए। इन शिविरों में किसानों की 11 अंकों की आईडी बनाई जा रही है। इससे किसान अपने सभी कृषि कार्य कर सकेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। इसके लिए सैकड़ों किसान इन शिविरों में आए थे, लेकिन बीच बीच में अधिकांश शिविरों में सर्वर डाउन होने से किसानों का काम समय पर नहीं हुआ। अलीगढ़ पंचायत समिति की सोप ग्राम पंचायत में 3 दिवसीय इस फार्मर रजिस्ट्री शिविर में शाम 5 बजे तक 207 किसानों की फार्मर आईडी बनी और 10 पशुओं का इलाज किया गया।
शिविर प्रभारी बुद्धिप्रकाश ने किसानों की इस समस्या को दूर करने का भरसक प्रयास किया। तीन दिवसीय शिविर के पहले दिन आई परेशानी
ग्राम विकास अधिकारी राहुल मेरोठा ने बताया कि पहले दिन तकनीकी दिक्कत आई, लेकिन जल्द समाधान होगा। शिविर तीन दिन चलेगा। जिनकी आईडी पहले दिन नहीं बन पाई, उन्हें अगले दिन दी जाएगी। 300 किसानों का हुआ पंजीकरण
शिविर में सोप, महुआ, फिरोजपुरा, मंडावरा मनोहरपुरा, सहित कई गांवों के किसानों ने भाग लिया। कुल 300 किसानों का पंजीकरण हुआ, लेकिन सर्वर ठप होने से शाम 5 बजे तक सिर्फ 207 की आईडी बन पाई। किसानों ने कहा कि प्रशासन के पास पर्याप्त सुविधा नहीं है तो शिविर लगाने का क्या फायदा है? कई किसान परेशान होकर बिना आईडी बनवाए लौट गए।
कृषि पर्यवेक्षक ब्रजमोहन मीणा ने किसानों को मौसमी फसलों की जानकारी दी। साथ ही किसानों को अधिक मुनाफा के लिए जैविक खेती करने की सलाह दी। शिविर में नायब तहसीलदार रामप्रसाद मीणा, पटवारी धर्मराज गुर्जर, कृषि पर्यवेक्षक ब्रजमोहन मीणा और ग्राम विकास अधिकारी राहुल मेरोठा सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी मौजूद रही। इनपुट: सुरेश नागर, सोप।


