फिनो बैंक CEO की गिरफ्तारी पर बैंक की सफाई:₹3,000 करोड़ की GST चोरी का मामला पार्टनर कंपनी का; 15% टूटने के बाद शेयर रिकवर

फिनो पेमेंट्स बैंक के MD ऋषि गुप्ता की गिरफ्तारी पर बैंक का कहना है कि यह मामला बैंक के कामकाज या टैक्स अनुपालन से नहीं जुड़ा है। यह बाहरी पार्टनर कंपनियों के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है। GST इंटेलिजेंस ने ऋषि गुप्ता को 27 फरवरी को अरेस्ट किया था। अगस्त 2025 में ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध के बाद देश में टैक्स चोरी के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। इस खबर के बाद सोमवार को बैंक के शेयरों में 15% की गिरावट आई। हालांकि बैंक के जवाब के बाद शेयर 190 रुपए पर फ्लैट बंद हुए। 3 हजार करोड़ के लेनदेन फिनो बैंक के गेटवे से हुए पार्टनर कंपनियां ‘रियल मनी गेमिंग’ सर्विसेज देती है। आरोप है कि उसने GST की कम रिपोर्टिंग की है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, अगस्त 2025 में गेमिंग बैन लागू होने के बाद करीब 3 हजार करोड़ रुपए के लेनदेन फिनो बैंक के पेमेंट गेटवे और ‘डमी मर्चेंट्स’ के जरिए रूट हुए। फिनो बैंक बोला- जीएसटी देनदारी की बातें गलत फिनो बैंक ने कहा कि बैंक पर जीएसटी देनदारी की जो भी बातें की जा रही हैं, वे पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद हैं। बैंक ने इस मामले में सीनियर कानूनी सलाहकारों से राय ली है। मैनेजमेंट का कहना है कि पार्टनर्स के खिलाफ चल रही इस जांच में बैंक को घसीटना सही नहीं। बैंक के कामकाज पर नहीं पड़ेगा असर सीईओ की गैर-मौजूदगी में बैंक का काम सही से चलता रहे, इसके लिए केतन मर्चेंट को हेड ऑफ ऑर्गेनाइजेशन बनाया गया है। बैंक ने कहा है कि उन्होंने सुरक्षात्मक उपाय तैयार रखे हैं ताकि बैंक की स्थिरता और डेली ऑपरेशन्स पर कोई आंच न आए। मैनेजमेंट ने आश्वासन दिया है कि बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत है और वे रेगुलेटरी मानकों का पालन कर रहे हैं।

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