फिरोजपुर के गांव कुलगढ़ी एक ऐसे दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। महज सात घंटों के अंतराल में दो सगे भाइयों की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। परिवार ही नहीं, गांव का हर व्यक्ति इस असहनीय सदमे से स्तब्ध है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी 71 वर्षीय रजवंत सिंह संधू को सुबह करीब 8 बजे अचानक दिल का दौरा पड़ा। परिजन उन्हें संभाल पाते, उससे पहले ही उन्होंने अंतिम सांस ले ली। घर में मातम छा गया। बड़े भाई की अचानक हुई मौत से छोटे भाई 69 वर्षीय भगवंत सिंह संधू गहरे सदमे में थे। परिवार और रिश्तेदार अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गए। दोपहर में गांव के श्मशान घाट पर रजवंत सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। नम आंखों से परिजनों ने उन्हें विदाई दी। अंतिम संस्कार के बाद छोटे भाई की मौत किसी को क्या पता था कि यह दुख यहीं थमने वाला नहीं है। अंतिम संस्कार के बाद जब परिवारजन घर लौटे, तो भगवंत सिंह अपने बड़े भाई के कमरे में गए। वे उसी बिस्तर पर लेट गए, जहां सुबह रजवंत सिंह ने अंतिम सांस ली थी। बताया जाता है कि बड़े भाई के बिछोह का गम वह सहन नहीं कर पा रहे थे। करीब तीन बजे के आसपास अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उन्हें भी दिल का दौरा पड़ा। आनन-फानन में संभालने की कोशिश की गई, लेकिन भगवंत सिंह ने भी उसी घर में, उसी बिस्तर पर दम तोड़ दिया। सुबह 8 बजे बड़े भाई की मौत हुई तो दोपहर करीब 3 बजे छोटे भाई की मौत से सिर्फ सात घंटों में संधू परिवार के दो स्तंभ ढह गए। घर का आंगन, जहां सुबह से ही शोक की लहर थी, शाम तक पूरी तरह चीख-पुकार और आंसुओं से भर गया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।


