राजधानी के तूता इलाके में प्रस्तावित चित्रोत्पला अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी परियोजना को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने आज 100 एकड़ जमीन पर पेड़ों की कटाई का विरोध करते हुए चिपको आंदोलन किया। कार्यकर्ताओं ने पेड़ों से चिपककर और खुदाई किए गए गड्ढों में बैठकर पेड़ कटाई का विरोध किया। कांग्रेस का आरोप है कि फिल्म सिटी के नाम पर बड़े पैमाने पर हरियाली खत्म की जा रही है। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक पेड़ों की कटाई पूरी तरह बंद नहीं की जाती, आंदोलन जारी रहेगा। सरकार का दावा: विकास और रोजगार राज्य सरकार ने कुछ समय पहले छत्तीसगढ़ में चित्रोत्पला अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी स्थापित करने की घोषणा की थी। सरकार का कहना है कि इससे प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, बाहरी प्रोडक्शन हाउस शूटिंग के लिए आएंगे और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। सरकार ने इस परियोजना के लिए तूता क्षेत्र में करीब 100 एकड़ जमीन आवंटित की है। प्रशासन का तर्क है कि यह कदम प्रदेश को फिल्म इंडस्ट्री के नक्शे पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पेड़ कटाई पर बढ़ा विवाद जैसे ही परियोजना स्थल पर पेड़ों की कटाई की प्रक्रिया शुरू हुई, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यहां बड़ी संख्या में परिपक्व पेड़ हैं, जिन्हें विकास के नाम पर हटाया जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि इन पेड़ों में से अधिकांश उनके शासनकाल में पर्यावरण संरक्षण के तहत लगाए गए थे। पार्टी का आरोप है कि भाजपा सरकार विकास के नाम पर पर्यावरण से समझौता कर रही है। पहले गोल्फ कोर्स, अब फिल्म सिटी कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि इसी जमीन का पहले गोल्फ कोर्स के लिए उपयोग किया गया था, जो प्रदेश में व्यापक रूप से लोकप्रिय खेल नहीं है। अब उसी जमीन पर फिल्म सिटी के नाम पर पेड़ हटाए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि पर्यावरण और भविष्य की पीढ़ियों का सवाल है।


