फुटपाथ व्यापारियों पर नगर निगम के अतिक्रमण अमले द्वारा की जा रही कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को शहर जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने घंटाघर में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने फुटपाथ व्यापारियों की समस्याओं को लेकर एक मांग पत्र भी कलेक्टर के नाम सौंपा है। मांग की है कि इन्हें अतिक्रमण कार्रवाई के नाम पर परेशान नहीं किया जाए, न ही इन्हें अतिक्रमणकारी कहा जाए। कार्यकर्ताओं ने पथ विक्रेता अधिनियम 2014 का हवाला देते हुए कहा कि नगर निगम को स्थाई नगर विक्रय समिति का भी गठन किया जाना चाहिए। पथ विक्रेताओं पर की गई कार्रवाई असंवैधानिक शहर जिला कांग्रेस कमेटी के नगर अध्यक्ष सौरभ शर्मा ने बताया कि पथ विक्रेताओं पर की जा रही कार्रवाई असंवैधानिक है। एक तरफ सरकार पथ विक्रेताओं को खुद ही व्यापार के लिए ऋण प्रदान कर रही है, तो दूसरी तरफ उनको व्यापार भी नहीं करने दिया जा रहा है। शासन – प्रशासन की दोहरी नीति की मार इनको झेलनी पड़ रही है। पथ विक्रेता अधिनियम 2014 के तहत नगर निगम को स्थाई नगर विक्रय समिति का गठन कर इन स्ट्रीट वेंडर्स को व्यवस्थित करने का काम किया जाना था, लेकिन इतने साल बीत जाने के बाद भी समिति का गठन नहीं किया गया। हालांकि, ये लोग जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन की धारा के तहत पथ विक्रेता ही कहलाते हैं और इनको व्यापार करने का अधिकार है। प्रशासन स्तर पर होगी बातचीत कांग्रेस कार्यकर्ताओं से चर्चा करने पहुंचे एसडीएम अनुराग सिंह ने बताया कि स्ट्रीट वेंडर्स की मांगों को कलेक्टर दीपक सक्सेना के सामने रखा जाएगा। उनके निर्देश पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस ने आंदोलन की दी चेतावनी स्ट्रीट वेंडर्स पर हो रही कार्रवाई से नाराज कांग्रेस ने कहा कि यदि पथ विक्रेताओं की समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द नहीं किया गया, तो कांग्रेस कार्यकर्ता एक बार फिर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।


