विक्की कुमार फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग एक बार फिर से जिले के नीले कार्ड धारकों को पीवीसी कार्ड जारी करने की तैयारी में है। विभाग की ओर से इस संबंध में सभी औपचारिकताएं लगभग पूरी कर ली गई हैं और रिकॉर्ड को दुरुस्त करने का काम अंतिम चरण में है। जिले में करीब 3.40 लाख नीले कार्ड धारक हैं, जिन्हें आने वाले दिनों में पीवीसी कार्ड जारी किए जाएंगे। फिलहाल विभाग द्वारा लाभार्थियों के नाम, पते और अन्य विवरणों का मिलान किया जा रहा है। जिन कार्डों में नाम की स्पेलिंग, पते या अन्य जानकारी में त्रुटि पाई गई है उन्हें ठीक किया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी भी लाभार्थी को राशन लेने में परेशानी न हो। लगभग उक्त नीले कार्डों की प्रूफ रीडिंग फाइनल हो चुकी है और अब आने वाले दिनों में इन कार्डों को प्रिंट करवाया जाएगा और बाद में उन्हें बांटा जाएगा। बता दें पीवीसी कार्ड मजबूत और टिकाऊ होता है जिसके फटने या पानी में गीला होने का खतरा नहीं होगा। यह लंबे समय तक चलता है। पहले कांग्रेस सरकार के समय में भी नीले कार्ड धारकों को प्लास्टिक के बने कार्ड जारी किए गए थे। जो कार्ड विभाग की ओर से बांटे जाने थे वह कार्ड विधायकों और पार्षदों को सौंप दिए गए। आंकड़ों के अनुसार, करीब 30 प्रतिशत से भी कम कार्ड लाभार्थियों तक पहुंच सके थे। अभी भी यह कार्ड पूर्व विधायक और पार्षदों के दफ्तरों में धूल फांक रहे होंगे। नेताओं के माध्यम से इसे इसलिए वितरित किया गया था, ताकि चुनावों में लोग अपने वोट पक्के कर सकें। भाजपा के जिला महासचिव संजीव कुमार का कहना है कि अब मौजूदा सरकार भी पीवीसी कार्ड जारी करने जा रही है। विभागीय अधिकारी दावा कर रहे हैं कि इस बार पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से विभाग के माध्यम से ही करवाई जाएगी। हालांकि सच्चाई इससे कोसों दूर है। इस बार भी यह कार्ड राजनीति की भेंट चढ़ जाएंगे। चुनावों में फायदा लेने के लिए ही यह कार्ड दोबारा बनाए जा रहे हैं। अभी तक पिछले कार्ड ही लोगों को नहीं मिले हैं।


