इंदौर में व्यापारी के साथ फॉरेक्स मार्केट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर हुई धोखाधड़ी के मामले में एक और आरोपी को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। वह नाम बदलकर घर से 250 किमी दूर रहा था। पूछताछ में दुबई में रहने वाले रुबल नामक व्यक्ति की जानकारी मिली है। टीम उससे ओर भी जानकारी निकाल रही है। ऐसे दिया था बदमाशों ने वारदात को अजाम एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि तीन महीने पहले क्राइम ब्रांच में एक FIR दर्ज की गई थी। इंदौर के एक व्यापारी के साथ 4 करोड़ 85 लाख का ऑनलाइन फ्रॉड हुआ था। यह एक ऑनलाइन ट्रेडिंग स्कैम था। फॉरेक्स मार्केट में इन्वेस्टमेंट और चार गुना मुनाफा दिलाने के नाम पर फ्रॉड हुआ था। उनको वॉट्सऐप ग्रुप में एक मैसेज आया। मैसेज में बताया कि हम आपको प्रॉफिट दिलाएंगे। उनके एम स्टॉक मैक्स (Mstock Max) के नाम से लिंक भेजी। लिंक से एक मोबाइल ऐप उनके मोबाइल में डाउनलोड हो गई। उन्होंने ट्रायल के लिए कुछ पैसा लगाया जो उन्हें 4 गुना मुनाफे के साथ ऐप में दिखाई देने लगा था। व्यापारी को विश्वास हुआ तो बदमाशों ने उन्हें ज्यादा पैसा लगाने को कहा। इस पर व्यापारी 4 करोड़ 50 लाख रुपए लगा दिए। जब उन्होंने पैसा निकालना चाहा तो बदमाशों ने कहा कि हमें कमीशन, जीएसटी चार्जेस देना होंगे। इस पर उनके 30 से 35 लाख रुपए ओर चले गए। व्यापारी के साथ कुल मिलाकर 4 करोड़ 85 लाख रुपए का फ्रॉड हुआ था। गुजरात से टीम ने किया गिरफ्तार, दुबई तक पहुंचे तार इसमें एक आरोपी पूर्व में महाराष्ट्र से, दो आरोपी छत्तीसगढ़ से पकड़े और एक आरोपी गुजरात से पकड़ा। इस प्रकार कुल चार आरोपी पहले गिरफ्तार हो चुके थे। जिस अकाउंट में 50 लाख रुपए गए थे। उसकी जांच की तो वह अकाउंट हीरल पटेल के नाम से था, जो कि भरूच का रहने वाला था। टीम वहां पहुंची वहां उसकी मानव इंटरप्राइजेस नाम की कंपनी देखी तो वह नहीं मिली। टीम टेक्निकल एविडेंस के आधार पर आगे पहुंची और दस दिन तक वहीं रुकी। हिरेन पटेल (37) पिता ईश्वर भाई पटेल, निवासी अंकलेश्वर, जिला भरूच (गुजरात) को गिरफ्तार किया। वह कसोल गांव में अपना नाम बदलकर नरेंद्र पटेल के नाम से रह रहा था। जो इसके घर से 250 किमी दूर है। वह एक या दो दिन के लिए घर आता था, बाकी समय वहीं रहता था। टीम ने उसे पकड़ा तो उसने बताया कि वह एमबीए कर चुका है और वह जीएसटी से संबंधित काम करता है। उसने अकाउंट खोलने के लिए फर्जी कंपनी बनाई थी। कंपनी के खाते में जो 50 लाख रुपए आए थे उसमें से 30 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से दुबई में बैठे रुबल नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर किए और बाकी के 20 लाख भी अन्य माध्यम से उसने रुबल को पहुंचाए है। अब ये लिंक दुबई तक पहुंच गई है। इसमें आगे की जांच की जा रही है। इस मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने फरियादी के 75 लाख रुपए रिकवर करा दिए हैं और 70 लाख रुपए प्रोसेस में जो कोर्ट के माध्यम से जल्द ही फरियादी को मिल जाएंगे और भी आरोपियों की तलाश जारी है। अब तक पकड़ाए आरोपी इस मामले में अब तक आर्यन गुप्ता पिता नरेश निवासी नागपुर महाराष्ट्र, मोहम्मद फेज पिता शकील निवासी मोटी नगर, रायपुर छत्तीसगढ़, मोहम्मद आमिर पिता फिरोज जाटू निवासी लैंड नगर, नागपुर, महाराष्ट्र, सोहेल पिता अय्यूब खान निवासी सूरत (गुजरात) को पूर्व में गिरफ्तार किया गया था।


