फोटो-वीडियो के जरिये गांवों में शहरों से 50% ज्यादा लड़कियां हुईं ब्लैकमेलिंग की शिकार

“सुनो आपसे कुछ बात करनी है…”—सोशल मीडिया पर आने वाला यह मासूम सा मैसेज एक खतरनाक ‘ऑनलाइन ट्रैप’ की शुरुआत हो सकता है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक 2025 में खन्ना, दोराहा, माछीवाड़ा, मलौद, पायल, समराला, मुल्लांपुर दाखां, जगराओं, रायकोट, हठूर, जोधां, सिंधवा बेट व सुधार से ऑनलाइन ट्रैप से जुड़ी सबसे ज्यादा शिकायतें मिलीं। इनमें 13 से 28 साल की उम्र की लड़कियां सबसे ज्यादा निशाने पर रहीं। साइबर अपराधी पहले दोस्ती कर भरोसा जीतते हैं, फिर चैट और वीडियो कॉल के जरिये निजी फोटो या वीडियो हासिल कर लेते हैं। इसके बाद ब्लैकमेलिंग और बदनामी की धमकियां देकर पीड़ितों को मानसिक रूप से तोड़ा जाता है। लुधियाना साइबर क्राइम देहात पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 में 13 पर्चे दर्ज किए गए, जिनमें से 7 केस ऑनलाइन ट्रैप से जुड़े हैं। जबकि सिटी के तहत 67 पर्चे दर्ज, जिनमें से 5 ऑनलाइन ट्रेप के केस हैं। यूं कहें तो सिटी के मुकाबले यह केस करीब 50% ज्यादा हैं। जब पीड़ित लड़कियां टूटने लगीं, तब किसी की मां, किसी की बहन, किसी दोस्त ने हिम्मत दिखाई और शिकायत दी। तभी पुलिस अपराधियों तक पहुंच पाई। केस-1: नाबालिग ऑनलाइन ट्रैप में फंसी, मां ने टाली बड़ी अनहोनी दोराहा की एक महिला ने बताया कि अगस्त 2025 में उनकी नाबालिग बेटी को इंस्टाग्राम पर एक मोडिफाई फैक्ट्री अकाउंट से मैसेज आया। शुरुआत में आरोपी ने सामान्य बातचीत की और धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया। भरोसा बनने के बाद आरोपी ने लड़की से निजी फोटो मांगे। लड़की ने फोटो भेज दिए। कुछ समय बाद जब बेटी को अहसास हुआ कि उसकी निजी तस्वीरें आरोपी के पास हैं, तो वह डर और तनाव में रहने लगी। उसका व्यवहार बदल गया। मां को जब इस बदलाव पर शक हुआ तो उन्होंने बेटी से खुलकर बात की। तब बेटी ने पूरी आपबीती मां को बताई। इसके बाद मां ने खुद बेटी का इंस्टाग्राम अकाउंट संभाला और आरोपी से बातचीत कर उसके इरादों को समझने की कोशिश की। बातचीत के दौरान जरूरी डिजिटल सबूत इकट्ठे किए और फिर थाना दोराहा की पुलिस को इसकी जानकारी दी। केस-2: मां के हौसले ने बचाई बेटी की शादी, आरोपी को ढूंढा गांव चक्कर निवासी महिला की 23 वर्षीय बेटी की शादी वर्ष 2022 में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद बेटी को इंस्टाग्राम पर ‘हरमन सिंह’ नाम के एक फर्जी अकाउंट से मैसेज आने लगे। बातचीत दोस्ती से शुरू हुई और धीरे-धीरे निजी बातों तक पहुंच गई। पीड़िता जब भी पति से किसी बात पर नाराज होती, तो आरोपी से बातचीत कर अपना मन हल्का करती थी। इसी दौरान आरोपी ने चालाकी से पीड़िता से निजी तस्वीरें मंगवा लीं। तस्वीरें मिलने के बाद आरोपी ने उन्हें इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता पर पति को तलाक देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। उसने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को पूरी आपबीती बता दी। दोनों मां-बेटी ने कई महीनों तक आरोपी से बातचीत जारी रखी। खुलासा हुआ कि आरोपी कोई और नहीं, बल्कि उसी गांव चक्कर का रहने वाला युवती का पूर्व प्रेमी था, जो फर्जी नाम से उसे ब्लैकमेल कर रहा था। भास्कर एक्सपर्ट StopNCII.org एक फ्री (मुफ़्त) ऑनलाइन टूल है जिसका उद्देश्य बिना सहमति के साझा की गई अंतरंग तस्वीरों/वीडियोज़ को रोकना और पीड़ितों का समर्थन करना है। यह प्लेटफ़ॉर्म खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जिनकी निजी तस्वीरें या वीडियो बिना अनुमति के इंटरनेट पर फैलाए जा रहे हैं। इससे टूल उस सामग्री का डिजिटल हैश बनाता है—ताकि तस्वीरें/वीडियोज़ खुद इंटरनेट पर ना जाएं। यह हैश भागीदार प्लेटफ़ॉर्मों (जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, थ्रेड्स, टिकटॉक, रेडिट ओनली फैंस के साथ साझा किया जाता है। ये प्लेटफार्म मेल खाते हुए कंटेंट को पहचानकर हटाने की कोशिश करते हैं। आप केस बना सकते हैं और उसकी स्थिति ट्रैक भी कर सकते हैं। प्रमुख शिकायतें (2025) 423 हनी ट्रैप फ्रॉड अश्लील फोटो इंटरनेट से हटाएं अशोक कुमार, पीपीएस दो केस जिनमें मां ने अपनी बेटियों को बचाया 2743 डीपफेक फ्रॉड 543 ब्लैकमेलिंग फ्रॉड 3452 ऑनलाइन ट्रैप

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