भास्कर न्यूज| लुधियाना श्री प्रेम धाम द्वारा 21 अप्रैल को निकाली जाने वाली शोभायात्रा को लेकर श्री राम लीला कमेटी ने दरेसी मैदान का इस्तेमाल करने की परमिशन रद्द कर दी है। इसे लेकर श्री प्रेम धाम आश्रम के प्रमुख बंटी बाबा और शिव सेना, नेताओं के बीच फेसबुक वार शुरू हो गई है। बंटी बाबा का आरोप है कि वह शिव सेना वालों को जब तक पेमेंट देते थे, तब तक वह ठीक थे, अब उन्होंने पेमेंट देनी बंद कर दी, तो उनका विरोध शुरू हो गया। उधर, दूसरी तरफ मंगलवार को इसे लेकर शिव नेना, नेताओं ने प्रेस कांफ्रेंस की और शोभायात्रा में हिन्दू देवी देवताओं का स्वरूप न निकाले जाने की चेतावनी दी। उनका कहना है कि इसे लेकर वह डीसी व पुलिस कमिश्नर को भी शिकायत देंगे। शिव सेना, पंजाब के नेता राजीव टंडन, संदीप थापर गोरा, नीरज वर्मा व चंद्रकांत चड्ढा व अन्यों ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस मे कहा कि साल 2013 में बंटी बाबा को कुंभ में उपाधि मिली थी। सनातन प्रेमियों ने उन्हें दिल से अपनाया था। उन्हें क्या पता था कि वह इसकी आढ़ में अपना ही सिनेरियो फिट कर रहे हैं। उनका कहना है कि गैर सनातनी इस शोभायात्रा में वह देवी-देवताओं के स्वरूप नहीं निकलने देंगे। श्री प्रेम धाम के प्रमुख बंटी बाबा का कहना है कि उनका सर्वधर्म दरबार है। यहां दरबार में सभी धर्मों के लोग आते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक वह इन लोगों को पेमेंट देते थे, तब तक तो वह उनकी शोभायात्रा और कार्यक्रमों में शामिल होते थे, अब जब डेढ़ साल से उन्होंने पेमेंट देनी बंद कर दी, तो वह लोग उनके विरोधी हो गए। उनका कहना है कि उनके पास शोभायात्रा की प्रशासन की परमिशन है। उन लोगों से उन्हें इजाजत लेने की कोई जरूरत नहीं। उनका कहना है कि चार महीने पहले उन्होंने सारी परमिशन ली हैं। सारी बुकिंग हो चुकी हैं। ऐसे में परमिशन रद्द करने का सवाल ही नहीं। इस विवाद के बाद दोनों तरफ के समर्थकों ने फेसबुक पर एक दूसरे के खिलाफ कमेंट करने शुरू कर दिए हैं। दोनों ही पक्षों के लोगों की आपस में खींचतान हो रही है।


