अमृतसर | एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा बंदी सिखों के साथ किए जा रहे अन्याय की निंदा की तथा इसे देश में अल्पसंख्यक सिखों के साथ भेदभाव करार दिया। धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के सेंटेंस रिव्यू बोर्ड द्वारा हाल ही में प्रोफेसर दविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई की अपील को खारिज करना अफसोसजनक है। पहले आम आदमी पार्टी की सरकार ऐसा करती रही और अब भाजपा सरकार भी सिख विरोधी रास्ते पर चल रही है। उन्होंने इस मामले पर भाजपा के सिख नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। धामी ने कहा कि इससे भाजपा के सिख नेताओं का दोहरा चरित्र सामने आ गया है। उन्होंने भाई बलवंत सिंह राजोआना और दूसरे कैदी सिखों को सजा काटने के बावजूद केंद्र सरकार द्वारा रिहा न करने को भी मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया।


