आखंड महायज्ञ स्थल पर पांचवें दिन आठ पहर का पूजन कर भगवान शिव के शिवलिंग स्वरुप को भोग अर्पित किए। सर्वप्रथम महंत प्रवीण चौधरी ने मंत्रोच्चारण के साथ गंगा जल, दूध, दही से स्नान करवा कर शिवलिंग पर बेल पत्री, चंदन व शहद से तिलक कर पूजन किया। महंत प्रवीण चौधरी ने उपस्थित जनसमूह को बधाई देते हुए शिवरात्रि पर्व के महत्व, पूजन व व्रत करने से मिलने वाले फल की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए कहा कि शिवरात्रि केवल धार्मिक पर्व नहीं बल्कि सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए आत्मचिंतन व आस्था से जुड़ा अवसर है। सायंकालीन भजन संध्या में भजन गायक कुमार संजीव ने भोले नाथ के भजन व राष्ट्रीय गीत प्रस्तुत कर देश भक्ति के रंग बिखेरे। मुख्य सेवादार मनप्रीत छतवाल ने महंत प्रवीण चौधरी के सान्धिय में आयोजित आखंड यज्ञ का वर्णन करते हुए कहा यज्ञ भारतीय संस्कृति की पहचान है। सेवक नवनजोत छतवाल, कर्ण शांडिल्या, सुनील महाजन, रमन घई, जतिन्द्र सूद, मोहित सूद, प्रशोतम चौधरी, राणा रणजीत सिंह, सुधीर महाजन, गौरव कालिया, जतिन सूद, संदीप सूद, सुनील हांडा, नरिंदर सिंगला, इकबाल सिंह, बलजीत तारीखा आदि ने पधारे श्रद्धालुओं के विश्राम सहित खाने पीने की व्यवस्था में विशेष तौर पर सहयोग किया।


