बघेल बोले-केंद्र को राहुल के आगे झुकना पड़ा:साव ने कहा-कांग्रेस को अब बोलने का हक नहीं, चंद्राकर बोले-सत्ता में रहते क्यों नहीं कराई जनगणना?

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि, केन्द्र सरकार को राहुल गांधी के जातीय जनगणना अभियान के आगे झुकना पड़ा है। वहीं डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि, जिसने सत्ता में रहते इस जनगणना का विरोध किया, उसे अब बोलने का कोई अधिकार नहीं है। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सत्ता में रहते ये काम क्यों नहीं कर पाई। जातिगत जनगणना को पूरी पार्टी ने उठाया था- बघेल पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि, जातिगत जनगणना के मामले को राष्ट्रीय स्तर पर 2024 के चुनाव से पहले राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी ने उठाया। हर मंच से जातीय जनगणना की बात राहुल गांधी ने की। इसका कारण ये है कि आज जो समस्याएं हैं, उसका हल जातीय जनगणना में दिखाई देता है।किसकी कितनी जनसंख्या है, ये भी पता लगेगा। इससे ये भी पता लगेगा कि उसकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति क्या है, उसकी राजनीतिक भागीदारी कितनी है।निजी संस्थाओं में भी एसटी, एससी, ओबीसी को आरक्षण मिलना चाहिए। इसके अलावा नीति निर्धारक पदों पर कितने एसटी, एससी और ओबीसी हैं, यह भी सामने आना चाहिए। वे इसे शुरू कब से कर रहे हैं, क्योंकि जो मोदी जी कहते थे कि हिन्दुस्तान में केवल 4 जातियां हैं, आज राहुल गांधी के अभियान चलाने के कारण से उन्हें झुकना पड़ा और उनकी बात को स्वीकार करना पड़ा। अब सरकार जातिगत जनगणना करा रही है।” कांग्रेस ने सत्ता में रहते जाति जनगणना का विरोध किया- साव डिप्टी सीएम अरुण साव का कहना है कि, जिस कांग्रेस पार्टी ने सत्ता में रहते हुए हमेशा जाति जनगणना का विरोध किया, उसे इस पर प्रश्न उठाने का कोई अधिकार नहीं है। वे श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन इसका भी श्रेय लेना चाहिए कि उन्होंने जातिगत जनगणना बंद कराई और सत्ता में रहते हुए इसका विरोध किया। हमेशा पिछड़े वर्ग के हितों के साथ, वंचितों के साथ, गरीबों के साथ कांग्रेस पार्टी ने अन्याय और अत्याचार किया। उनकी उपेक्षा की, उन्हें वोट बैंक समझते रहे।आज देश की जनता उनके इस दोहरे चरित्र पर आने वाली नहीं है। ये क्रांतिकारी निर्णय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र की सरकार ने लिया है।” स्वतंत्र भारत में पहली बार जातिगत जनगणना का निर्णय- चंद्राकर पूर्व मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर का कहना है कि, 1941 में आजादी से पहले जातिगत जनगणना हुई थी। स्वतंत्र भारत में पहली बार जातिगत जनगणना का निर्णय लिया गया है। इस बीच कांग्रेस की कितने साल सरकार रही केन्द्र में। आज पीएम मोदी के निर्णय पर श्रेय लेने के लिए उलछ-कूद मचा रहे हैं। इतने साल सत्ता में रहते हुए कांग्रेस आखिर क्या कर रही थी। इसलिए कांग्रेस के किसी भी बयान को राजनीतिक बयान माना जाना चाहिए।गंभीरता उनके किसी भी विषय में नहीं है। अगर गंभीरता रहती तो इतने दशकों की सरकार में कभी भी जातिगत जनगणना कर सकते थे।

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