छतरपुर जिले में बाथरूम में CCTV कैमरा लगवाने के आरोप में निलंबित किए गए शिक्षक पर शिक्षा विभाग एक बार फिर मेहरबान नजर आ रहा है। बकस्वाहा के शासकीय सांदीपनी सीएम राइज स्कूल में शौचालय के अंदर कैमरा लगवाने के आरोपी शिक्षक राजेन्द्र कुमार ताम्रकार को सात महीने बाद न केवल बहाल किया गया, बल्कि उन्हें हायर सेकेंडरी स्कूल ढड़ारी का प्राचार्य बना दिया गया है। इस फैसले के बाद विभागीय कार्यप्रणाली और मंशा पर सवाल उठने लगे हैं। जुलाई 2025 में सामने आया था मामला
जुलाई 2025 में बकस्वाहा स्थित शासकीय सांदीपनी सीएम राइज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों के शौचालय में CCTV कैमरा लगे होने का वीडियो वायरल हुआ था। मामला तूल पकड़ने पर कमिश्नर अनिल सुचारी ने छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल को जांच के निर्देश दिए थे। कलेक्टर ने बकस्वाहा तहसीलदार भरत पांडे को मौके पर भेजा। जांच में शौचालय के अंदर कैमरा लगा पाया गया, जिसके बाद कैमरा लगवाने वाले शिक्षक राजेन्द्र कुमार ताम्रकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। गोपनीयता और बच्चों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
शौचालय जैसे निजी स्थान में CCTV कैमरा लगाए जाने को लेकर अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध जताया था। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बच्चों की निजता का गंभीर उल्लंघन है और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर डाल सकता है। मामले में शिक्षक की मंशा और स्कूल प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए थे। करीब सात महीने बाद शिक्षा विभाग ने राजेन्द्र कुमार ताम्रकार को जिला मुख्यालय के समीप स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल ढड़ारी का प्राचार्य नियुक्त कर दिया है। इस निर्णय के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि जिन पर नियमों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हों, उन्हें पदोन्नति जैसी जिम्मेदारी देना कितना उचित है। विभाग की चुप्पी से बढ़े सवाल
फिलहाल शिक्षा विभाग की ओर से इस नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। हालांकि, इस फैसले ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।


