राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश करने की तिथि 3 मार्च घोषित कर दी है। लेकिन, बजट बनाने का काम में तेजी नहीं आई है। कुछ हद तक स्थापना बजट के काम में प्रगति है, लेकिन योजना बजट का तो अभी तक प्रस्ताव ही नहीं आया है। खान एवं भूतत्व विभाग छोड़कर किसी विभाग ने बजट के लिए योजना मांग पत्र और आलेख योजना विभाग को भेजा ही नहीं है। बहरहाल स्कीम बजट कैसे बने, यह सरकार के लिए चुनौती बनी हुई है। योजना सचिव ने 14 नवंबर 2024 को सभी विभागों को 7 जनवरी तक हर हाल में अगले बजट का वार्षिक योजना प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया था। इसके नहीं आने को लेकर चिंता जताते हुए योजना विभाग ने अगले तीन दिन में वार्षिक योजना आलेख भेजने का निर्देश दिया है। इधर, संसाधन आधारित प्लान आउट ले को लेकर योजना बजट की तैयारी शुरू हुई है। मोटे तौर पर अभी राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास योजनाओं और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के आधार पर बजट बनाने की तैयारी चल रही है। रिसोर्स पोजिशन और योजना बजट का मांग पत्र आने के बाद ही विकास आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक होगी। इससे पूर्व योजना विभाग की ओर से अन्य विभागों को योजना बजट आकार की औपबंधिक जानकारी देगा। फिर योजना विभाग राशि की जरूरत और उपलब्धता के आधार पर उसका आउट ले फाइनल होगा। 6 विभागों ने बजट घोषणा पूरा करने की नहीं दी जानकारी : राज्य के 6 विभाग ने पिछले बजट भाषण की योजनाओं के पूरा करने पर भी रिपोर्ट नहीं दी है। सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। 6 विभागों को इसके लिए सरकार नोटिस जारी की है। रिपोर्ट नहीं देने वाले विभाग में कृषि, ऊर्जा, वन, पर्यटन, भवन निर्माण एवं श्रम विभाग है। स्थापना बजट को लेकर वित्त सचिव कर रहे समीक्षा वित्त सचिव प्रशांत कुमार जनवरी के पहले सप्ताह से स्थापना बजट को लेकर विभागों के साथ समीक्षा बैठक शुरू कर दी है। अलग-अलग विभाग के साथ होने वाली यह बैठक लगभग एक सप्ताह और चलेगी। इसमें बजट मांग पत्र के अनुसार विभागों ने अपना प्रस्ताव दिया है या नहीं, इसकी समीक्षा की जा रही है। साथ ही जिन विभागों ने वेतन और दूसरे मद में राशि बढ़ाने या घटाने की मांग की है, उस पर भी चर्चा चल रही है। वित्त विभाग ने सभी विभागों को 11 दिसंबर तक हर हाल में स्थापना खर्च का मांग पत्र भेजने को कहा था। इस पर विभागवार समीक्षा वित्त सचिव कर रहे हैं।


