मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का बजट बुधवार को विधानसभा में पेश किया। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने यह बजट पेश करते हुए कहा कि यह ‘ज्ञानी’ (GYANII) बजट है, जिसमें गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री पर फोकस किया गया है। कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। बजट भाषण में इंदौर का 10 बार जिक्र किया गया, जो शहर के प्रति सरकार की विशेष प्राथमिकता को दर्शाता है। इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ दृष्टिकोण से जोड़ते हुए कहा कि यह बजट इंदौर को देश के प्रमुख आर्थिक केंद्र के रूप में मजबूत करने का रोडमैप है। इंदौर के लिए प्रमुख प्रावधान • कनेक्टिविटी और सिंहस्थ 2028: इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन हाईवे के लिए 1,164 करोड़ और ग्रीनफील्ड हाईवे के लिए 1,370 करोड़ रुपए का प्रावधान। • इकोनॉमिक कॉरिडोर: इंदौर-पीथमपुर परियोजना के लिए 2,360 करोड़ रुपए। • मेट्रो और अन्य: इंदौर-भोपाल मेट्रो के लिए राशि का प्रावधान। • आईटी और रोजगार: प्लग एंड प्ले पार्क और 5 नए आईटी पार्क से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। • मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी: इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी के गठन और नई टाउनशिप नीति की घोषणा। • शहरी अधोसंरचना: कुल 21,562 करोड़ रुपए के नगरीय निकाय प्रावधान से स्मार्ट सिटी, इलेक्ट्रिक बसें और आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट को बल मिलेगा। इंदौर को इसमें काफी हिस्सा मिलने की उम्मीद। साथ ही, प्रदेश में 10 लाख नए घरों (पीएम आवास) का सर्वाधिक लाभ इंदौर को मिलेगा। सिंहस्थ के लिए विशेष प्रावधान सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि कैपिटल इन्वेस्टमेंट और अधोसंरचना पर केंद्रित यह बजट इंदौर को देश के सबसे आधुनिक और निवेश-अनुकूल महानगर के रूप में स्थापित करेगा। बजट में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए कुल 13,851 करोड़ (जिसमें 3,600 करोड़ विशेष) का प्रावधान है, जो इंदौर-उज्जैन कनेक्टिविटी से जुड़ा है। कुल मिलाकर, यह बजट इंदौर के विकास को तेज गति देने वाला बताया जा रहा है।


