विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा पेश किए गए बजट में सरगुजा संभाग के लिए कई घोषणाएं की गई हैं। इनमें से कुछ के लिए राशि का प्रावधान नहीं किया गया है। अंबिकापुर से छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा तक फोरलेन सड़क की घोषणा की गई है, लेकिन राशि का प्रावधान नहीं किया गया है। अंबिकापुर में मेडिकल कॉलेज के निर्माणाधीन हॉस्पिटल सहित एयरपोर्ट के उन्नयन के लिए राशि दी गई है। खेल व चिकित्सा के क्षेत्र में कई प्रावधान किए गए हैं। बजट को कई कांग्रेस नेताओं के उलट पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने संतुलित बजट बताया है। वहीं सरगुजा भाजपा के विधायकों ने विकास के लिए बजट को ऐतिहासिक बताया है। टीएस बोले-संतुलित बजट, केंद्र से सहयोग कम
पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि बजट संतुलित है। पेट्रोलियम पदार्थों में 1 प्रतिशत वैट कटौती, रजिस्ट्री शुक्ल में कटौती से लुभाने की कोशिश की गई है। इन कटौतियों के भरपाई का उल्लेख बजट में नहीं मिलता है। कुल बजट में केंद्र सरकार से 39 प्रतिशत और राज्य सरकार के स्रोत से 46 प्रतिशत राशि आएगी। इसे बढ़ाने की आवश्यकता है। डबल इंजन के नाम पर बनी सरकार को ऊपर की इंजन से संतोषजनक योगदान नहीं मिल रहा है। राजकीय घाटा चिंताजनक
टीएस सिंहदेव ने कहा कि राजकोषीय घाटा बढ़कर 2.97% हो गया है। यह 3% के पास है जो चिंताजनक है। लगभग 22000 करोड़ का घाटा बतलाया गया है। राज्य को अपने आमदनी के स्रोत बढ़ाने चाहिए। स्वास्थ्य विभाग का बजट 8040 करोड़ का है। जो कुल बजट का 4% होता है जो बेहद कम है। आयुष्मान योजना के लिए 1500 करोड़ का प्रावधान है, जबकि योजना में पुराना बकाया ही 2500 करोड़ का है। कम बजट से स्वास्थ्य सेवाओं में गिरावट आएगी। कुछ पुलिस भर्तियों को छोड़ रोजगार पर बजट निराशाजनक है। शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की भर्तियों को लेकर बजट में कोई उल्लेख नहीं है। प्रदेश पहले ही सेवा क्षेत्र में जीडीपी के राष्ट्रीय औसत से 20 प्रतिशत पीछे है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भर्तियों से इसे संतुलित किया जा सकता था। रोजगार बढ़ाने से सर्विस सेक्टर का जीडीपी में योगदान बढ़ता। कृषि के क्षेत्र में कांग्रेस सरकार की नीतियों को ही कमोबेश अपनाया गया है, जिसका फायदा मिल रहा है। विधायक राजेश बोले-प्रभावशाली है बजट
अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल ने कहा कि इस बजट का उद्देश्य गुड गवर्नेंस, एक्सीलरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ है। इस बजट से शासन में सुधार, बेहतर सेवा वितरण की सुविधा, नागरिक सहभागिता को बढ़ाना, पारदर्शिता, जवाबदेह और समावेशी शासन के ढांचे का निर्माण होगा। पिछला बजट गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर केंद्रीत था। मिंज बोले-आर्थिक विकास को प्रोत्साहन
लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने कहा कि यह बजट आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने, रोजगार के अवसर पैदा करने, सड़क, पूल, सार्वजनिक परिवहन सहित अधोसंरचना विकास की परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने वाला बजट है, निश्चित रूप से इस बजट से राज्य का चौमुखी विकास होगा एवं सरकार की कई प्रमुख घोषणाओं को पूरा किया जाएगा। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि मुख्यमंत्री मोबाइल टावर योजना बस्तर और सरगुजा के दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल टावर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए वीजीएफ के माध्यम से प्रावधान है, ग्राम पंचायत से ब्लॉक और जिला स्तर पर सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रावधान है। यह दूरस्थ अंचलों के लिए वरदान है।


