राज्य की भाजपा सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के स्टूडेंट्स को स्कूल बैग और यूनीफॉर्म खरीद के लिए प्रत्येक स्टूडेंट को एक-एक हजार रुपए देने की घोषणा बजट में की थी। अब वित्त विभाग ने इसी घोषणा के तहत हर स्टूडेंट को आठ-आठ सौ रुपए देने के आदेश दिए हैं। सेशन समाप्त होने से कुछ समय पहले यूनीफॉर्म के लिए रुपए दिए जा रहे हैं, उसमें भी दो सौ रुपए की कटौती कर दी गई है। प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक ने मंगलवार रात इस संबंध में आदेश जारी किए। प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने आदेश में कहा है कि वर्ष 2024-25 के बजट भाषण में कहा गया था कि आर्थिक रूप सेकमजोर परिवार के छात्र छात्रायें स्कूल में हीन भावना से ग्रस्त न हो, तथा उन्हें भी शिक्षा के लिए आवश्यक स्कूल, बैग, कितों तथा यूनीफाम्र् उपलब्ध हो सके, इस दृष्टि से राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठवीं तक के समस्त विद्यार्थियों तथा कक्षा नौ से बारहवीं तक की छात्राओं को अगले वर्ष प्रति विद्यार्थी एक हजार रुपए की सहायता प्रदान करने की घोषणा हुई थी। इस संबंध वित्त विभाग ने बालक-बालिकाओं को यूनीफॉर्म (सिलाई सहित) एवं स्कूल बैग के लिए सहायता राशि के रूप में आठ सौ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसमें किताबों का खर्च शामिल नहीं है। निदेशालय ने फिलहाल राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में क्लास एक से आठ तक पढ़ने वाले सभी स्टूडेंट्स को यूनीफॉर्म और बैग के लिए आठ सौ रुपए देने के आदेश दिए हैं। ये राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के तहत स्टूडेंट के खाते में जमा होंगे। 57 लाख स्टूडेंट्स को मिलेगा लाभ इस योजना से प्रदेश के सत्तर लाख स्टूडेंट्स को लाभ मिलने वाला है। फिलहाल प्रारम्भिक शिक्षा से जारी आदेश के बाद अब इन स्कूलों में पढ़ने वाले 57 लाख स्टूडेंट्स के बैंक खातों में ये राशि ट्रांसफर हो सकेगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक इसके लिए अलग से आदेश जारी करेंगे तब नौंवी से बारहवीं में पढ़ने वाली छात्राओं को आठ सौ रुपए ट्रांसफर होंगे।


