मेसिया ग्राम पंचायत में बजरी खनन लीज को रद्द करने की मांग को लेकर आसपास के 10 गांवों के ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक बजरी खनन की लीज निरस्त नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर मौजूद समाजसेवी गौतम पहलवान ने बताया कि क्षेत्र के अधिकांश परिवार खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं। बजरी खनन जारी रहने से जल स्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जिससे भविष्य में जल संकट और आर्थिक संकट गहराने की आशंका है। उन्होंने यह भी कहा कि खनन गतिविधियों से पर्यावरण संतुलन बिगड़ने का खतरा है।
मौके पर पहुंचे किशोर चौधरी ने भी ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया। उन्होंने सरकार से जनहित, पर्यावरण संरक्षण और जल सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की। चौधरी ने बजरी खनन लीज को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के दौरान गौरी देवी, फतेहचंद नायक, पूरण सिंह, आरपी सिंह, पूर्व प्रधान धर्मीचंद, गंगाराम माली, एडवोकेट घनश्याम सिंगाड़िया, रणजीत कुमार, उपसरपंच सुनील काठात, देवीलाल आचार्य और जयराम सिंगाड़िया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।


