बठिंडा में भर्ती प्रक्रिया पास करने वाले साइकोलॉजिस्ट उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री से नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग की है। इन उम्मीदवारों का कहना है कि उन्हें भर्ती प्रक्रिया के तहत चुना गया था, लेकिन बाद में उनकी नियुक्ति रद्द कर दी गई और अब आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती की जा रही है। साइकोलॉजिस्ट भूपिंदर सिंह ने मीडिया को बताया कि अप्रैल 2025 में साइकोलॉजिस्ट के पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इसके तहत 180 उम्मीदवार मनोवैज्ञानिक के तौर पर चयनित हुए थे। उन्हें उम्मीद थी कि उनकी नियुक्ति जल्द हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक ने रद्द की भर्ती हालांकि, 18 दिसंबर 2025 को डायरेक्टर हेल्थ सर्विस ने इस भर्ती को रद्द कर दिया। इसके बाद विभाग ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे चयनित उम्मीदवार निराश हैं। न्याय पाने के लिए इन साइकोलॉजिस्ट उम्मीदवारों ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की अगली सुनवाई होनी है। उम्मीदवारों ने पंजाब के मुख्यमंत्री से अपील की है कि भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित सभी उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र दिए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पंजाब सरकार की युद्ध नशे के विरुद्ध मुहिम को सफल बनाना है, तो उन्हें सड़कों पर नहीं धकेला जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के चुनाव वादे की याद दिलाई, जिसमें नौजवानों को रोजगार देने की बात कही गई थी, लेकिन अब उनका रोजगार छीना जा रहा है।


