बरनाला| भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की ओर से कार्यकर्ता और नेता बठिंडा जाने की तैयारी के साथ धौला गांव में बठिंडा-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे के पास एकत्रित हुए। पुलिस प्रशासन की ओर से तपा के पास नाकाबंदी की। जरनैल सिंह बदरा और चमकौर सिंह नैनेवाल सहित अन्य किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे अपने अधिकारों के लिए किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। एक ओर जहां किसान हर हाल में आगे बढ़ने की जिद पर अड़े थे। वहीं दूसरी ओर पुलिस उन्हें रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दी। यदि बठिंडा अदालत में किसान साथियों की जमानत मंजूर न होती तो किसान जबरन आगे बढ़ने के लिए तैयार थे। इससे पुलिस के साथ बड़ा टकराव होने की पूरी संभावना बनी हुई थी। वहीं दोपहर करीब तीन बजे सूचना प्राप्त हुई कि जिन नेताओं बलदेव सिंह और शरणदीप सिंह की रिहाई के लिए यह संघर्ष किया जा रहा है जमानत मंजूर हो गई है। किसान नेताओं ने घोषणा की कि भले ही जमानत मिल गई है लेकिन किसानों के हक और लंबित मांगों के लिए उनका यह संघर्ष भविष्य में भी जारी रहेगा। भास्कर न्यूज | संगरूर बठिंडा के गांव चाऊके आदर्श स्कूल संघर्ष से जुड़े किसान नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर बठिंडा जाने के लिए शेरों गांव में जुटे किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया । विरोध करने पर पुलिस कई किसानों को घसीट कर ले गई। 50 किसानों को हिरासत में लेकर विभिन्न पुलिस थानों में भेज दिया और शाम 7 बजे िरहा किया। किसान नेता जगतार लड्डी ने कहा कि पूरा मामला बठिंडा के गांव चाऊके स्थित आदर्श स्कूल से जुड़ा है। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले कुछ टीचरों को हटा दिया था। इसके रोष में हटाए गए टीचरों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन िकया, किसान यूनियन ने साथ धरना दिया था । इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। इनमें से अधिकतर प्रदर्शनकारियों को जमानत मिल गई है, लेकिन किसान नेता बलदेव सिंह चाऊके और सगनदीप सिंह की रिहाई नहीं हुई। दोनों नेता पिछले 9 माह से बठिंडा जेल में बंद हैं। किसानों की रिहाई को लेकर 18 फरवरी को बठिंडा में डीसी दफ्तर के बाहर धरना दिया जाना था, लेकिन पुलिस जाने से रोक दिया। दूसरी तरफ भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के राज्य प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां ने बताया कि किसान नेता बलदेव सिंह चाउके और सगनदीप सिंह जियोंद की हाईकोर्ट से जमानत गई है। यूनियन की जीत हुई है। मंगलवार रात और बुधवार को गिरफ्तार किए गए किसान नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर पंजाब भर में चल रहे प्रदर्शन जारी रहेंगे। शेरों में किसानों को घसीट कर लेकर जाती पुलिस। किसानों के बठिंडा में जाने से रोकने के लिए संगरूर पुलिस ने मंगलवार रात को ही कारवाई शुरू कर दी थी। पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन के नेताओं पर दबिश देकर उन्हें हिरासत में लेना शुरू कर दिया था। जिसका किसान नेताओं को पता चल गया था ऐसे में यूनियन के बड़े नेता पहले ही अंडरग्राउंड हो गए थे लेकिन करीब 12 किसानों को रात में हिरासत में ले लिया गया था। किसानों पर दर्ज मामले रद्द करने की मांग मांग की गई कि किसानों पर दर्ज मामले रद्द किए जाएं। नौकरी से निकाले गए अध्यापकों को डयूटी पर बहाल किया जाए। संगरूर के गांव शेरों में किसानों को हिरासत में लेती पुलिस।


