पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुंडिया आज बठिंडा पहुंचे। उन्होंने यहां भूख हड़ताल पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की सेहत को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को इस बात की चिंता है कि ऐसे नेता हर बार पैदा नहीं होते और उनकी जिंदगी दिन-प्रतिदिन खतरे में है। वे बठिंडा में पशुपालन के एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। उन्होंने इस दौरान कहा कि पशु हमारे घर का हिस्सा हैं और उनके बिना आंगन सूना लगता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार सहायक उद्योगों को बढ़ावा देकर लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही है। सरकार पशुपालन व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक लोगों को नि:शुल्क प्रशिक्षण के साथ 3,500 रुपए का वजीफा भी दे रही है। खुंडिया ने विशेष रूप से महिलाओं को पशुपालन व्यवसाय से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे वे आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सकें और बेहतर तरीके से घर का संचालन कर सकें। 2 किलोग्राम खाद पाउडर दिया
कैबिनेट मंत्री ने संबोधन के दौरान खुदियां ने सहायक व्यवसायों को मुख्य व्यवसाय के रूप में अपनाने पर जोर दिया और कहा कि पशुपालक किसान मुर्गी, बकरी, खरगोश आदि जैसे सरल व्यवसाय आसानी से अपना सकते हैं। इनमें लागत भी अधिक नहीं आती, जिसके परिणामस्वरूप व्यय कम और आय अधिक होती है। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी पशुपालकों को उनके पशुओं में खाद की कमी को पूरा करने के लिए 2 किलोग्राम खाद पाउडर निशुल्क दिया गया। कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने गुरु काशी यूनिवर्सिटी तलवंडी साबो में डेयरी फार्मिंग के राज्य स्तरीय समारोह में शिरकत की। केंद्र सरकार हर चीज का निजीकरण करना चाहती
अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे जगजीत सिंह डल्लेवाल के मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को इस बात की चिंता है कि ऐसे नेता हर बार पैदा नहीं होते। दिन-प्रतिदिन उनकी जिंदगी खतरे में है। यह दांव पर है। कृषि के लिए केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए ड्राफ्ट को खारिज किए जाने पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार हर चीज का निजीकरण करना चाहती है। हमारा मार्केटिंग सिस्टम जो नंबर वन है, वह पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान जो मांग कर रहे हैं एमएसपी हैं। वह सब खत्म हो जाएगा।


