बठिंडा के जिओंद गांव के पास पुलिस और किसानों के बीच भारी टकराव हो गया। किसानों की भीड़ ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया। इस दौरान दोनों तरफ से पथराव हुआ, जिसके वीडियो भी सामने आए हैं। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इस टकराव में पुलिस और किसानों की ओर से कई लोग घायल हुए हैं। जबकि, कुछ को गैस चढ़ गई, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ने पर किसानों को फौरन सुरक्षित जगह पर ले जाया गया। SSP ज्योति यादव ने कहा कि स्थिति कंट्रोल करने के लिए पुलिस अपने हाथों का इस्तेमाल कर रही है। इससे पहले भारतीय किसान यूनियन (BKU) एकता उगराहां के नेतृत्व में बठिंडा शहर की ओर निकाले गए मार्च को पुलिस ने रोक दिया। किसान बठिंडा में डिप्टी कमिश्नर (DC) के ऑफिस के बाहर धरना देने जा रहे थे। जिसके बाद किसान रामपुराफूल से पहले बठिंडा-चडीगढ़ हाईवे पर अपनी मांगों को लेकर धरना देकर बैठ गए। पुलिस फोर्स किसानों को रोकने के लिए पहुंची, लेकिन किसान नहीं माने। उधर, हाईवे जाम होने के कारण पुलिस ने बठिंडा से चंडीगढ़ जाने वाले ट्रैफिक को गांवों के रास्ते से डायवर्ट किया गया है। इसी दौरान बठिंडा आ रहे किसानों के साथ पटियाला के समाना में पुलिस के साथ झड़प हुई। जिसके बाद पुलिस ने किसानों को डिटेन किया है। इसके अलावा संगरूर के गांव शेरों में भी किसानों के बीच धक्कामुक्की हुई। जिसके बाद कई किसान हिरासत में लिए गए हैं। किसानों की मुख्य मांग जेल में बंद उनके 2 साथियों, बलदेव सिंह (गांव चाओके) और शगनदीप सिंह (गांव जिओंद) की तत्काल रिहाई है। ये दोनों 9 महीनों से अधिक समय से जेल में हैं। प्रदर्शन से जुड़ीं PHOTOS…. क्या है पूरा मामला… 6 फरवरी को भी झड़प हुई, आंसू गैस छोड़ी
आज डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाना था। इससे पहले 6 फरवरी को भी इसी जगह पर किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी, जिसमें पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे। प्रदर्शन से जुड़े पल-पल के अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…


