बठिंडा में बरनाला बस हादसा में किसानों ने मुआवजा न मिलने तक मृतकों का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। दूसरे दिन भी डिप्टी कमिश्नर दफ्तर नजदीक धरना प्रदर्शन जारी रहा। संयुक्त किसान मोर्चा भारत के आह्वान पर टोहाना के गांव कोठा गुरु से भारती किसान यूनियन एकता उगराहां जा रही बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से कोठा गुरु की 3 महिलाओं की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए थे। घायलों के इलाज और मुआवजे की मांग को लेकर यूनियन उगराहां ने डिप्टी कमिश्नर बठिंडा के ऑफिस के नजदीक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने पंजाब सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ऐलान किया गया है कि जब तक घायलों और मृतकों को मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक धरना जारी रहेगा। 10 लाख मुआवजे की मांग
भारतीय किसान यूनियन एकता उग्रहा के जिला अध्यक्ष शिंगारा सिंह मान ने कहा कि भगवंत मान ने सरकार हादसे में मरने वाली 3 किसान महिलाओं के पीड़ित परिवारों को कोई मुआवजा देने के लिए तैयार नहीं हैं, जो दावा करते थे कि किसी को कोई जरूरत नहीं होगी अपनी सरकार में धरने देने की। लेकिन अब किसानों को अपनी छोटी-छोटी मांगों के लिए भी धरने की बजाय मोर्चा लगाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी सरकार है मांगें पूरी न होने पर संघर्ष जारी रहेगा। मृतक किसान महिला परिवार को 10 लाख रुपए मुआवजा और कर्ज माफी के साथ एक सरकारी नौकरी। जो किसान जख्मी हुए उनको 5 लाख रुपए दिया जाए, जिसको लेकर आज हमारा धरना दूसरे दिन में शामिल हो गया है। आज तीन दिन से उन मृतक महिला की डेड बॉडी पड़ी है, जिनका अभी तक संस्कार भी नहीं किया है।


