पंजाब में बठिंडा के पास तलवंडी साबो में कल हुए बस हादसे के बाद मानसा के गांव कोटधर्मा में मातम का माहौल बना है। हादसे में जान गंवाने वाला ड्राइवर इसी गांव का रहने वाला था और कई सालों पर बस चलाता था। अभी तक गांव में मृतक का शव नहीं पहुंच पाया है। परिजन और गांव वाले शव के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि, बीते कल बठिंडा में तलवंटी साबों के पास एक नाले में बस गिरने से आठ लोगों की मौत हो गई थी। जिनमें मानसा जिले के गांव कोटधर्मा निवासी 55 वर्षीय बलकार सिंह पुत्र सुखदेव सिंह भी शामिल है। बलकार सिंह इस बस का चालक था। वह कई वर्षों से ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था। बलकार सिंह की मौत से गांव में गम का माहौल है। गांव कोटधर्मा के सरपंच राजदीप सिंह का कहना है कि बलकार सिंह एक जमींदार परिवार से हैं, जिनके पास करीब एक कनाल जमीन है। उनके परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटा अलग रहता है और एक निजी बस में कंडक्टर का काम करता है। वह एक गरीब परिवार से थे और काम करके अपना जीवन यापन करते थे।


