बड़वाले महादेव मंदिर में गूंजे बन्ना-बन्नी के गीत:शिव-पार्वती विवाह की रस्में शुरू, बाबा वटेश्वर को लगी हल्दी-मेहंदी

राजधानी के प्राचीन बड़वाले महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में इन दिनों शिव-पार्वती विवाह की पारंपरिक रस्में पूरे उल्लास के साथ निभाई जा रही हैं। 21 दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत बुधवार को बाबा वटेश्वर को हल्दी लगाकर मेहंदी रचाई गई। मंदिर परिसर बन्ना-बन्नी, गारी-गीत और भोला-पार्वती के भजनों से गूंज उठा।
मंदिर सेवा समिति एवं ट्रस्ट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शाम 6 बजे वटेश्वर महिला मंडल ने विवाह महोत्सव में गाए जाने वाले पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति दी। संजय अग्रवाल और प्रमोद नेमा ने बताया कि महिला मंडल की श्रद्धाभाव से सजी प्रस्तुतियों के बीच बाबा वटेश्वर को हल्दी-मेहंदी अर्पित की गई। पूरे आयोजन में श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी रही।
इसके बाद शिवभक्तों का जत्था सोमवारा स्थित मां भवानी मंदिर, जिसे बाबा वटेश्वर की ससुराल माना जाता है, पहुंचा। वहां समिति अध्यक्ष आशीष सैनी के नेतृत्व में स्वागत सत्कार किया गया। माता पार्वती को हल्दी और मेहंदी अर्पित कर महाआरती की गई तथा विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न हुई।
समिति के प्रकाश मालवीय ने बताया कि महोत्सव के तहत 12 फरवरी को अखंड रामायण पाठ प्रारंभ होगा, जो 13 फरवरी को प्रदोष कालीन आरती के साथ पूर्ण होगा। 14 फरवरी को प्रदोष व्रत के अवसर पर बाबा वटेश्वर का विशेष फूलों से श्रृंगार किया जाएगा। 15 फरवरी को भव्य शिव बारात शहर के विभिन्न मार्गों से निकलकर रात्रि 10 बजे सोमवारा स्थित मां भवानी मंदिर पहुंचेगी, जहां वरमाला की रस्म अदा की जाएगी।
मंदिर परिसर में प्रतिदिन धार्मिक आयोजन, भजन-कीर्तन और पूजन-अर्चन का सिलसिला जारी है। महाशिवरात्रि को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *