महासमुंद| ग्राम खरोरा में होली का पावन पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया गया। बुधवार को सुबह से ही चारों तरफ रंगों की धूम रही और लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व की बधाई दी। ग्रामीण क्षेत्रों में होली का विशेष रंग देखने को मिला, जहाँ लोगों ने अपने घरों के आंगन में रंगों की होली खेली। ढोल-नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक फाग गीत गाकर ग्रामीणों ने उत्सव का आनंद लिया। पारंपरिक नृत्य और गीतों ने आयोजन में चार चांद लगा दिए। इस वर्ष चंद्रग्रहण के कारण होलिका दहन और धुलेंडी (रंग वाली होली) के बीच एक दिन का अंतर होने से लोगों में उत्साह और भी अधिक देखा गया। मित्रों और परिजनों के साथ मिलकर लोगों ने पुरानी रंजिशें भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाया और पकवानों का आनंद लिया। ग्रामीण संस्कृति में होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि फाग और लोक-कलाओं के मिलन का उत्सव है, जो खरोरा की गलियों में जीवंत नजर आया।


