बढ़ी कोयले की चोरी, कैबिन टोला के समीप बैंगनों से उतारा जा रहा कोयला

बढ़ी कोयले की चोरी, कैबिन टोला के समीप बैंगनों से उतारा जा रहा कोयला
बिजुरी।
ईंट भट्ठों का सीजन शुरू हो चुका है और ऐसे में बिजुरी नगर में भी पंडरी पानी गांव के पीछे बंद क्रेशरो के आप पास संत जोसेफ स्कूल  के बगल में कोरजा रोड पर ईंटों के भट्ठों में ईंटों के निर्माण का काम शुरू हो चुका है और उक्त ईंट भट्ठों में ईंटों को पकाने चोरी के कोयले का उपयोग किया जा रहा है बताया जाता है कि कुरजा भूमिगत खदान और रेलवे की बैंगनों से रात के समय दर्जनों की संख्या में अज्ञात लोगों द्वारा कोयला चोरी कर ईंट भट्ठों पर बेचा जा रहा है  मिली जानकारी अनुसार अगर बात रेलवे की जाए तो सर्वविदित है कि  बिजुरी नगर  रेलवे स्टेशन परिसर में रेल सुरक्षा बल की चैकी बनाई गई है जिसमें रेलवे सुरक्षा बलों की तैनाती भी रहती है और दिन के उजाले में रेलवे सुरक्षा बल के कर्मचारी ट्रेनों के आवागमन के दौरान  दिखाई भी देते है लेकिन रेलवे सुरक्षा बल के उक्त कर्मचारी कोयला चोरी रोकने ध्यान क्यों नहीं देते ये अपने आप में बड़ा सवाल है क्या  रात के वक्त उक्त कर्मचारी अपने कर्तव्यों की इतिश्री मान आराम करते हैं ? या फिर कोयले की चोरी रोकना इनकी ड्यूटी नहीं ?आर पी एफ की उक्त कार्यप्रणाली जिसका  पूरा फायदा कोयला चोरों द्वारा उठाया जाता है यहां पर दो अहम् सवाल हमारे जहन में रेंगते है कि जिस तरह धड़ल्ले से बिजुरी नगर के रेलवे स्टेशन पर खड़ी बैंगनों से रात के वक्त कोयला चोरी हो रहा है क्या रेलवे की बैंगनों से कोयला चोरी रोकने की जिम्मेदारी रेल सुरक्षा बलों की नहीं होती ? अगर होती है तो फिर आखिर बिजुरी रेलवे स्टेशन अंतर्गत कैबिन टोला के पास से खड़ी बैंगनों से कैसे कोयला चोरी किया जा रहा है क्या कोयले की उक्त चोरी की जानकारी ही रेल सुरक्षा बल के कर्मचारियों को नहीं है या फिर माजरा कुछ और है ? इसी तरह से हसदेव क्षेत्र अंतर्गत कुराज भूमिगत कोयला खदान परिसर में भी हजारों टन कोयले का स्टॉक रखा हुआ है जो वर्तमान समय पर कोयला चोरों के लिए दुधारू गाय साबित हो रहा है स्मरणीय है कि कोयला खदानों में चोरियों को रोकने के लिए एस आई यस एफ और कालरी के सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी होती है लेकिन दो स्तरीय सुरक्षा के बाद भी उक्त कोयला खदान से चोरों द्वारा कोयला चोरी किया जा रहा है।

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