भास्कर न्यूज | कवर्धा शहर के दर्री तालाब में रविवार को श्रमदान कर जलकुंभी हटाई गई। यह स्वच्छ, सुंदर, विकसित कवर्धा अभियान का छठवां चरण था। तालाब जलकुंभी से पूरी तरह पटा हुआ था। श्रमदान से इसकी सफाई कर सुंदर और स्वच्छ बनाया जा रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने बताया कि शहर के अधिकतर तालाबों में जलकुंभी के कारण जल प्रवाह रुक गया था। इससे दुर्गंध फैल रही थी। आसपास के लोगों को सामाजिक और धार्मिक कार्यों में परेशानी हो रही थी। अब श्रमदान से तालाबों की सफाई हो रही है। इससे जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी। तालाब की सफाई में जनप्रतिनिधि, वार्डवासी, युवा, स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सभी ने मिलकर तालाब से जलकुंभी निकाली और किनारों की सफाई की। कचरे को तालाब के किनारे ना फेंकें: नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रवंशी ने बताया कि दर्री तालाब की सफाई पूरी होने तक हर रविवार श्रमदान जारी रहेगा। इसके बाद अन्य तालाबों की भी सफाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि हर रविवार दो घंटे श्रमदान में दें। कचरे को तालाब किनारे न फेंकने अपील की गई। हर रविवार तालाब सफाई करने सुबह 6 से 8 बजे तक श्रमदान दर्री तालाब की सफाई के लिए रविवार सुबह 6 बजे से 8 बजे तक दो घंटे श्रमदान किया गया। स्काउट गाइड संगठन के रोवर-रेंजर सदस्यों ने भी तालाब की सफाई में भाग लिया। उन्होंने तालाब की स्वच्छता और जल संरक्षण की मिसाल पेश की। वर्षों से उपेक्षित इस तालाब में जलकुंभी और कचरे की भरमार थी, जिससे जल स्रोत दूषित हो रहा था। सफाई अभियान में पूर्व विधायक और संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, वरिष्ठ साहित्यकार आदित्य श्रीवास्तव, नगर पालिका उपाध्यक्ष पवन जायसवाल, सभापति, पार्षद, जनप्रतिनिधि और वार्डवासी शामिल हुए। सभी ने श्रमदान कर तालाब की सफाई में योगदान दिया।


