बदहाल स्वास्थ्य:चमेली चौक पॉली क्लीनिक में शुरू नहीं हो पाए प्रसव, खुरई में 91 पद खाली, रहली सीएचसी में विशेषज्ञ डॉक्टर ही नहीं

हमारे विधायक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए पूरा स्टाफ तक नहीं दिला पाए हैं, जो स्टाफ है वह भी समय पर नहीं आता। ग्रामीण ही नहीं शहर में भी हालात बदहाल हैं। विधायक के प्रयास से सागर के बड़ा बाजार में 30 बिस्तर का तो हो गया लेकिन यहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं करा पाए। यहां प्रसव तक शुरू नहीं हुए। रहली में सीएचसी बनने के बाद विशेषज्ञ डॉक्टर तक नहीं आए हैं। यही हालात खुरई सिविल अस्पताल के हैं। बीना के भानगढ़ में एक डॉक्टर व एनएनम के भरोसे पीएचसी भानगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दो डॉक्टर सहित 8 सपोर्टिंग स्टाफ के पद हैं। इनमें से एक डॉक्टर व एक एएनएम ही हैं। शुक्रवार को रोज की तरह सुबह 11 बजे तक सिर्फ पांच मरीज आए। रूपसिंह पटेल ने बताया कि यहां कभी डॉक्टर नहीं मिलते। रोज बमुश्किल 15-20 मरीज इलाज कराने आते हैं। ज्यादातर लोग बीना आैर सागर जाते हैं या निजी प्रेक्टिस करने वालों से इलाज कराते हैं। खुरई सिविल अस्पताल में 13 विशेषज्ञों के पद में 3 ही भरे खुरई सिविल अस्पताल में कुल 141 पद में से 51 भरे हैं। 13 विशेषज्ञों में 3 ही पदस्थ हैं। इनमें एनेस्थीसिया, पैथोलॉजी, शल्य क्रिया विशेषज्ञ हैं। मेडिसन 2, स्त्री रोग 2, शिशु रोग 2, नेत्र, शल्य क्रिया, एनेस्थीसिया का एक-एक पद खाली है। चिकित्सा अधिकारी के 11 पद हैं, जिसमें 2 भरे, 9 खाली हैं। मेट्रन 1, नर्सिंग सिस्टर के दो पद भी खाली हैं। नर्सिंग ऑफिसर के 50 पद हैं। इनमें 27 भरे, 23 खाली हैं। रहली में 10 साल से सीएचसी, विशेषज्ञों की पदस्थापना नहीं रहली में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बने दस साल बीत गए हैं। लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की पदस्थापना नहीं की गई। इस कारण मेडिकल कॉलेज तक दौड़ना पड़ रहा है। केंद्र में दो मेडिकल ऑफिसर सहित मेडिसिन, सर्जन, पीडियाट्रिक व दंत चिकित्सक के पद हैं। इसमें दो मेडिकल ऑफिसर सहित एक दंत चिकित्सक है। विशेषज्ञ डॉक्टर के तीन पद खाली हैं। बच्चों तक का विशेषज्ञ नहीं है। नरयावली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कर्रापुर में 10 साल से ड्रेसर नहीं नरयावली विधानसभा के कर्रापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 5 लाख जनसंख्या की जिम्मेदारी है। यहां बीते 10 साल से ड्रेसर नहीं है। 5 बिस्तर के पीएचसी में एक डॉक्टर व एक फार्मासिस्ट है। स्टाफ नर्स नहीं है। संविदा पर दो एनएनएम हैं। ज्यादातर स्टाफ 11:45 बजे तक आता है। शुक्रवार को यहां आयुष डॉक्टर आेपीडी करते हुए मिले। गार्ड आउटसोर्स पर हैं। ज्यादातर स्टाफ 10 बजे के बाद ही आ रहा है। देवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आधे से ज्यादा स्टाफ नहीं देवरी विकासखंड का 30 बिस्तर वाला बड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवरी में है। यहां शुक्रवार को 12:30 बजे मरीजों की कतार लगी रही। सीबीएमओ डॉ. आशीष जैन के कार्यालय में ताला लटका हुआ था। अस्पताल में 100 से ज्यादा मरीज मिले। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवरी में कुल 139 पद हैं। इसमें 69 पद खाली है। यहां सर्जन, मेडिसिन, एनेस्थीसिया, चाइल्ड स्पेशलिस्ट के पद 10 साल से अधिक समय से खाली हैं। बंडा सीएचसी शाहगढ़ में एक ही नियमित डॉक्टर, दो पद खाली सीएचसी शाहगढ़ में एक ही नियमित डॉक्टर है। दो पद खाली हैं। यहां 2 संविदा एक महिला डॉक्टर है। 4 डॉक्टर एक साल के बॉन्ड पर हैं। पीएचसी बरायठा में महिला डॉक्टर का पद खाली है। यहां पर पदस्थ डॉ. एसके मनकेले सीएचसी शाहगढ़ में बीएमओ के पद पर पदस्थ हैं। तहसील में 21 एसएचसी केंद्र खुले हैं। इनमें से अमरमऊ, तारपोह, और दलपतपुर तीन एसएचसी पूरी तरह खाली हैं। सुरखी मंत्री का क्षेत्र, पीएचसी जरुआखेड़ा में पानी तक नहीं प्रदेश शासन में मंत्री के क्षेत्र जरुआखेड़ा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पानी तक की व्यवस्था नहीं है। यहां डॉक्टर व स्टाफ के 9 पद भरे हैं। 6 पद खाली हैं। सुबह 11:30 बजे डॉक्टर चाहत जैन मरीजों की जांच करते मिले। 18 मरीज जांच कराने आ चुके थे। फार्मासिस्ट आदित्य खटीक दवा दे रहे थे। भवन जर्जर स्थिति में हैं। केंद्र में सिस्टर के 2, वार्डबॉय का 1, ड्रेसर का 1, लैब टेक्नीशियन का 1 व सफाई कर्मी का पद खाली है। सागर चमेली चौक अस्पताल हो रहा 2 बजे बंद, पट्टी तक नहीं होती चमेली चौक अस्पताल के उन्नयन पर 1.30 करोड़ खर्च हुए हैं। लेकिन यह दोपहर बाद 2 बजे ही बंद हो जाता है। आेपीडी करने के बाद ज्यादातर स्टाफ चला जा रहा। केवल चतुर्थ श्रेणी स्टाफ ही बचता है। विधायक शैलेंद्र जैन यहां महिलाओं के प्रसव कराने व 24 घंटे जरूरी सुविधाएं दिलाने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं। लेकिन सफल नहीं हुए हैं। 2 बजे के बाद यहां घायल की पट्टी तक करने के लिए स्टाफ नहीं रहता है। विधायकों को एक साल पूरा हो गया है। इस दौरान विधायक ने क्या काम किए, कितने सक्रिय रहे और आप उनके कामों से कितने संतुष्ट हैं। इसके लिए क्यूआर कोड स्कैन कर भास्कर सर्वे में अपनी राय आज ही दीजिए।

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