बरनाला के शिक्षा क्रांति कार्यक्रम में विधायक का विरोध:किसानों और बेरोजगारों ने उठाए सवाल, स्कूल में टीचरों के कई पद खाली

बरनाला जिले के गांव ढिलवां के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक विवादास्पद स्थिति उत्पन्न हो गई। शिक्षा क्रांति कार्यक्रम के तहत विकास कार्यों का उद्घाटन करने आए हलका विधायक लाभ सिंह उगोके का किसानों और बेरोजगारों ने जोरदार विरोध किया। पुलिस ने शुरू में प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स के पीछे रोक दिया। बाद में उन्हें विधायक से मिलने की अनुमति दी गई। महिलाओं को याद दिलाए चुनावी वादे बीकेयू सिद्धूपुर के हाकम सिंह ने खनौरी मोर्चे से ट्रालियों की चोरी पर विधायक के बयान का विरोध किया। उन्होंने स्पीकर कुलतार संधवां द्वारा किसानों को कामचोर कहने का भी विरोध किया। किसान नेता राम सिंह ने नहरी पानी की कमी का मुद्दा उठाया। बीकेयू राजेवाल के नेता गोरा सिंह ने सरकार को महिलाओं को 1 हजार रुपए देने के चुनावी वादे की याद दिलाई। रिक्त पदों को भरने की मांग बेरोजगार संयुक्त मोर्चा के नेता सुखविंदर सिंह ढिलवां ने शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों को भरने की मांग की। उन्होंने बताया कि पिछले 37 महीनों में एक भी पद नहीं भरा गया। उन्होंने मास्टर काडर में 55 प्रतिशत अंकों की शर्त को हटाने की मांग की। साथ ही लेक्चरर के 343 रद्द किए गए पदों, पीटीआई अध्यापकों के 646 पदों के स्थान पर 2 हजार पद और सहायक प्रोफेसरों के 645 पदों को भरने की मांग रखी। 270 पदों में आयु में छूट की मांग मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर के 270 पदों में आयु में छूट की मांग भी प्रमुख रही। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से सभी रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा क्षेत्र में क्रांति की बात कर रही है, लेकिन शिक्षकों के बिना क्रांति संभव नहीं है। असहाय और अनुत्तर दाई दिखाई दिए सभी उन्होंने कहा कि स्थानीय स्कूल में कला के सभी 5 लेक्चरर, वोकेशनल के 6 में से 4 टीचर, आर्ट एंड क्राफ्ट टीचर, डीपीई टीचर, एसएलए, वर्कशॉप अटेंडेंट, लाइब्रेरियन, लाइब्रेरी रिस्टोर, चपरासी के पद रिक्त हैं, जिन्हें तुरंत भरने की जरूरत है। उन्होंने उन्हें चुनाव के दौरान किए वादों की याद दिलाई, लेकिन क्षेत्र के विधायक सभी सवालों के प्रति असहाय और अनुत्तर दाई दिखाई दिए। केंद्र को पुनः खोलने का आश्वासन विधायक लाभ उगोके ने कहा कि ट्रॉलियां चोरी होने संबंधी बयान तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। उन्होंने गांव में बंद पड़े सुविधा केंद्र को पुनः खोलने का आश्वासन दिया। उन्होंने ढिलवां नाभा के सरकारी सेकेंडरी स्कूल में 16 लाख रुपए और सरकारी प्राइमरी स्कूल में 2.55 लाख रुपए की लागत के विकास कार्यों का उद्घाटन किया और शिक्षा क्रांति का गुणगान किया।

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