बरनाला जिले के गांव जिओंद में 18 फरवरी को भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में लगभग 4 दर्जन संगठनों ने राज्य स्तरीय प्रदर्शन का ऐलान किया है। बता दे कि यह प्रदर्शन 6 मार्च को बठिंडा के डीसी दफ्तर के सामने किया जाएगा। यह निर्णय बरनाला के तर्कशील भवन में किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां की अध्यक्षता में हुई एक संयुक्त बैठक में लिया गया। इस बैठक में किसानों, खेत मजदूरों, औद्योगिक मजदूरों, अध्यापकों, बिजली कर्मियों, कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों, विद्यार्थियों, साहित्य व संस्कृति कर्मियों और विभिन्न लोकतांत्रिक अधिकार संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। हत्या की कोशिश और अपहरण का मामला दर्ज करने की मांग संगठनों ने बठिंडा की एसएसपी ज्योति यादव सहित पुलिस अधिकारियों गुरप्रीत सिंह, मनोज कुमार, नरिंदर, अमरीक सिंह और राहुल भारद्वाज पर हत्या की कोशिश और अपहरण का मामला दर्ज करने की मांग की है। इसके साथ ही, एसएसपी को तुरंत बर्खास्त करने और पंजाब सरकार से सार्वजनिक माफी की भी मांग उठाई गई है। किसान और जन आंदोलन पर बताया हमला वक्ताओं ने आरोप लगाया कि गांव जिओंद में शांतिपूर्ण सभा कर रहे लोगों को पुलिस ने घेर लिया और उन पर आंसू गैस के गोले, ईंटों तथा लाठियों से हमला किया। नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे किसान और जन आंदोलन पर हमला है। कॉर्पोरेट हितों को लाभ पहुंचाने का आरोप उनका आरोप है कि इस कार्रवाई का मुख्य मकसद सैकड़ों एकड़ जमीन से किराएदार किसानों को हटाकर कॉर्पोरेट हितों को लाभ पहुंचाना है। संगठनों ने यह भी कहा कि घायलों के बयान दर्ज होने के बावजूद अभी तक दोषियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि यह कानूनन आवश्यक है। संगठनों ने पंजाब सरकार पर किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, बेरोजगारों और महिलाओं के आंदोलनों को दबाने का आरोप लगाया। बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील बैठक में उपस्थित विभिन्न किसान और मजदूर संगठनों के नेताओं ने 6 मार्च को बठिंडा में परिवारों सहित बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की। नेताओं ने स्पष्ट किया कि पुलिस कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब संयुक्त संघर्ष के माध्यम से दिया जाएगा और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा।


