पंजाब कांग्रेस में धड़ेबंदी है, इसे वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने बरनाला रैली से साफ कर दिया। साथ ही लोगों को मैसेज देने की कोशिश की कि विधानसभा चुनाव बिखरी कांग्रेस नहीं, बल्कि एकजुट कांग्रेस के साथ लड़ा जाएगा। 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर साफ कर दिया कि जो हाईकमान चाहेगी वही होगा। पंजाब में कोई भी खुद को सीएम प्रोजेक्ट नहीं कर सकता। इसकी अंतिम मुहर दिल्ली से लगेगी। राहुल गांधी ने कहा कि जो हाईकमान की बात नहीं सुनेगा उसे रिजर्व में बिठा दिया जाएगा। राहुल गांधी ने बीजेपी की अमेरिका के साथ ट्रेड डील से किसानों-मजदूरों को नुकसान बताकर पंजाब विधानसभा की 117 में से 75 सीटों पर निशाना साधा। 12 लाख के लगभग किसान परिवार वाले पंजाब को 3 एग्रीकल्चर बिल और एमएसपी के जरिए साधने की कोशिश की। राहुल गंधी की पूरी स्पीच में किसान और मजदूर फोकस रहे। उन्होंने किसानों को कहा कि अमेरिका से साथ हुई ट्रेड डील में पंजाब की फसलों को कोई नहीं पूछेगा। अंत में कांग्रेस लीडरशिप को सख्त संदेश देकर लोगों को बताया कि कांग्रेस हाईकमान खुले मंच से पंजाबी लीडरशिप से भी जवाब मांग सकती है। 5 पाइंट्स में समझें राहुल गांधी ने किसे-कैसे साधा… राहुल की रैली पर क्या बोलीं विपक्षी पार्टियां राहुल गांधी की बरनाला रैली में कांग्रेस को मैसेज पर आम आदमी पार्टी (AAP), शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भाजपा ने कहा कि राहुल यहां पर कांग्रेस की फूट खत्म करने आए थे, न कि लोगों को कोई विजन देने। राहुल ने न तो किसानों की बात की और न ही मजदूरों की। अकाली दल ने कहा कि राहुल यहां गुटबाजी खत्म करने आए थे। AAP ने कहा कि हमें रोज दिल्ली वाले कहते हैं, अब कांग्रेस बताए कि राहुल गांधी क्या भुलत्थ से हैं। जानें राहुल गांधी की स्पीच पर किस नेता ने क्या कहा जाखड़ बोले- राहुल ने पंजाब लीडरशिप को जलील किया पंजाब बीजेपी सूबा प्रधान सुनील जाखड़ ने काहा कि राहुल की बरनाला रैली में न तो पंजाब के लिए कोई एजेंडा था और न ही किसानों या मजदूरों के बारे में कोई बातचीत हुई। इसके बजाय, यह पहले से ही बेअसर हो चुकी कांग्रेस हाईकमान की ओर से राहुल गांधी की एक बेबसी भरी कोशिश थी। वह चेतावनी देकर पंजाब की टूटी-बिखरी लीडरशिप को सार्वजनिक तौर पर जलील कर इकट्ठा होने के लिए मजबूर करके चले गए। सुखबीर बादल ने कहा- राहुल गांधी कांग्रेस लीडरशिप को धमकाने आए थे अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने कहा कि राहुल गांधी यहां कांग्रेसियों के आपसी कलेश को मिटाने के लिए आए थे। और किसी काम के लिए नहीं। क्योंकि वे सभी एक-दूसरे को पीछे करने पर उतारू हैं। राहुल गांधी उन्हें धमकाने आए कि इकट्ठे हो जाओ, नहीं तो कांग्रेस खत्म हो जाएगी। AAP की पोस्ट- कांग्रेसियों के साथ बहुत बुरा किया राहुल ने AAP की तरफ से प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि कांग्रेस की पंजाब लीडरशिप यह बताए कि वह AAP को हमेशा दिल्ली वाले-दिल्ली वाले कहकर बुलाती है, तो राहुल गांधी कहां के हैं? क्या राहुल गांधी कपूरथला के भुलत्थ के रहने वाले हैं? क्या मलिक्काअर्जुन खड़गे बाघापुराना के रहने वाले हैं? उन कांग्रेसियों के साथ बहुत बुरा हुआ जो सीएम बनने के लिए जैकेट सिलवाकर बैठे थे। इनकी तो कांग्रेस के पोस्टर पर फोटो तक नहीं थी।


