बस्तर ओलिंपिक में शामिल होने असम से पहुंचा प्रतिनिधिमण्डल:आदिवासी संस्कृति से हुए रू-ब-रू, पुनर्वास नीति की सराहा

कोण्डागांव में रविवार को बस्तर के युवाओं को खेलों के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ने और खेल प्रतिभा को एक नया मंच प्रदान करने के उद्देश्य से बस्तर संभाग के सभी जिलों में बीते दिनों विकासखंड और जिला स्तर पर बस्तर ओलिंपिक का आयोजन किया गया। इस बस्तर ओलिंपिक में शिरकत करने असम से पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल कोंडागांव पहुंचा। जिला प्रशासन ने दल को कोंडागांव की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहरों से परिचित कराने के लिए शुक्रवार को प्रतिनिधियों को केशकाल स्थित टाटामारी के प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन कराया गया। यहां उनके रात्रि विश्राम और भोजन की व्यवस्था के साथ स्थानीय लोगों के साथ चर्चा का भी आयोजन किया गया। बातचीत के दौरान एक दूसरे से माओवाद से मुख्यधारा में लौटने और शासन की पुनर्वास नीति पर विचार साझा किए गए। असम के प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों ने बताया कि वे भी एनडीएफबी संगठन के सदस्य रह चुके हैं और अब मुख्यधारा में लौट चुके हैं। माओवाद आत्म समर्पित स्थानीय लोगों ने बताया कि वे कैसे मुख्यधारा में लौटे और शासन की नीतियों से बेहतर पुनर्वास हुआ। प्रतिनिधिमण्डल ने राज्य शासन की पुनर्वास नीति की सराहना की। प्रतिनिधिमण्डल में बिनुअल वरी, अजोय कुमार भोबोरा, दिलरंजन नारजरी, साहेन वारी और मार्क दैमारी शामिल थे।

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