बस्तर फाइटर्स के 3200 पदों पर होगी भर्ती:दंतेवाड़ा-बीजापुर-कांकेर में नर्सिंग और जगदलपुर में फिजियोथेरेपी कॉलेज बनेगा, साइंस पार्क और लैब भी खुलेगा

छ्त्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों का खात्मा करने बस्तर फाइटर्स के 3200 पदों पर स्थानीय युवाओं की भर्ती की जाएगी। दंतेवाड़ा, बीजापुर और कांकेर जिले में नर्सिंग कॉलेज और जगदलपुर में फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना होगी। दरअसल, छ्त्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में आज राज्य का 1 लाख 65 हजार 100 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। जिसमें बस्तर के लिए स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा और रोजगार से लेकर कानून व्यवस्था के लिए विभिन्न घोषणाएं की हैं। 32 पदों पर होगी भर्ती वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि साल 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद का खात्मा कर दिया जाएगा। वहीं माओवादियों के खात्मे के लिए पहले बस्तर फाइटर फोर्स का गठन किया गया था। जिसका फायदा बस्तर में मिल रहा है। स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिला और नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में सफलताएं भी मिलीं। इसी को देखते हुए अब फिर से बस्तर फाइटर्स के 3200 पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। जिसमें बस्तर संभाग के सातों जिलों में यह भर्ती होगी। जिससे साल 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने फायदा मिलेगा। नर्सिंग कॉलेज की होगी स्थापना इसके अलावा दंतेवाड़ा बीजापुर और कांकेर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की जाएगी। इन नक्सल प्रभावित जिलों के बच्चों को उनके जिले में ही नर्सिंग की पढ़ाई करने सुविधा मिलेगी। वहीं बस्तर के संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी। इसका फायदा बस्तर संभाग के सातों जिलों के लोगों को मिलेगा। साइंस पार्क और मोबाइल साइंस लैब भी खुलेगा साथ ही बस्तर में साइंस पार्क और मोबाइल साइंस लैब की भी स्थापना की जाएगी। इसके लिए लगभग 3 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। बस्तर पर्यटन का हब है। हाल ही में धुड़मारास गांव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान मिली है। जिसको देखते हुए बस्तर को पर्यटन के रूप में डेवलप किया जाएगा। पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे की स्थापना की जाएगी। इसके लिए लगभग 5 करोड रुपए का प्रावधान रखा गया है। अस्पताल का होगा उन्नयन बीजापुर जिला अस्पताल को 100 सीटर से बढ़ाकर अब 200 सीटर किया जाएगा। सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित इलाके भेज्जी में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की जाएगी। जिससे उस इलाके के आदिवासियों को अपने ही गांव में बेहतर इलाज मिल पाएगा। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का होगा गठन बस्तर में ड्रग्स से निपटने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। वहीं सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित इलाके एलमागुंडा और डब्बाकोंटा में नया पुलिस थाना खोला जाएगा। ओपी चौधरी ने कहा कि बस्तर की संस्कृति और परंपरा अनोखी है। जो वर्षों से चली आ रही है। यहां मेला-मड़ई के लिए 2 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *