भास्कर न्यूज | सुकमा बस्तर संभाग की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव एवं सीईओ जिला पंचायत नम्रता जैन के मार्गदर्शन में यह आयोजन गुरुवार को बालक सेजेस हायर सेकेंडरी स्कूल छिंदगढ़ में संपन्न हुआ। इस आयोजन में बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर, स्थानीय लोक कला, शिल्प, रीति-रिवाज, तीज-त्योहार, व्यंजन और पेय पदार्थों के मूल स्वरूप को संरक्षित करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों, आदिवासी समाज के प्रमुखों और सिरहा-गायता पुजारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। जनप्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में बस्तर पंडुम को पारंपरिक विरासत के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण मंच बताया और इसे जनजातीय कलाकारों के लिए प्रोत्साहनकारी बताया। इस आयोजन के दौरान विभिन्न पारंपरिक नृत्य और लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसमें आदिवासी कलाकारों ने अपनी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। कार्यक्रम में पारंपरिक व्यंजन और पेय पदार्थों के विभिन्न स्टॉल लगाए गए, जिनका अतिथियों ने निरीक्षण किया। स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक खानपान को प्रदर्शित करने वाले इन स्टॉलों को दर्शकों ने खूब सराहा। बस्तर पंडुम का यह आयोजन जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है, जिससे क्षेत्र की समृद्ध परंपराओं को नई पहचान मिल रही है।


