ब्यावर में निजी यात्री बस ऑपरेटरों ने जिला कलेक्टर को राजस्थान सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें उन्होंने परिवहन विभाग की कथित दमनकारी कार्रवाई पर रोक लगाने और राहत प्रदान करने की मांग की है। ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि यदि 23 फरवरी 2026 तक उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो वे प्रदेशव्यापी चक्का जाम और हड़ताल करेंगे। ऑपरेटरों का आरोप है कि पिछले कुछ महीनों से पूरे प्रदेश में उनके खिलाफ भारी-भरकम चालान, बसों की सीजिंग, आरसी निरस्तीकरण और एक से दो लाख रुपए तक के जुर्माने लगाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इन कार्रवाइयों से हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। बस संचालकों ने बताया कि हालिया सड़क दुर्घटनाओं के बाद सभी ऑपरेटरों पर समान रूप से कार्रवाई की जा रही है, जिससे उनके बीच भय का माहौल है। उन्होंने कहा कि नियमों की आड़ में की जा रही इस सख्त कार्रवाई से परिवहन व्यवसाय संकट में है और कई बसें बंद होने की कगार पर हैं। ज्ञापन में प्रमुख मांग यह है कि 1 सितंबर 2025 से पहले पंजीकृत बसों पर बॉडी कोड नियमों के तहत की जा रही कार्रवाई को तत्काल रोका जाए। इसके लिए एक संक्रमण अवधि (ट्रांजिशन पीरियड) प्रदान की जाए, ताकि संचालक नियमों का पालन सुचारू रूप से कर सकें। बस ऑपरेटर संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 23 फरवरी 2026 तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में चक्का जाम और हड़ताल की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान दिलीप कुमावत, सज्जन कुमार, महेंद्र चौधरी, हरीश महावर, रेखा चौहान, विक्की सहित कई अन्य बस ऑपरेटर मौजूद रहे।


