चूरू में निजी बस यूनियन के पदाधिकारियों ने बुधवार को जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा से मुलाकात की। उन्होंने जिला परिवहन विभाग द्वारा निजी बसों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को रोकने की मांग की। यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर और जिला परिवहन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूनियन अध्यक्ष रणवीरसिंह कस्वां ने बताया कि प्रदेश के समस्त स्टेज कैरिज और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज ऑपरेटरों की विभिन्न मांगों पर ध्यान आकर्षित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ और भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए परिवहन विभाग द्वारा निजी बसों की अनावश्यक जब्ती की कार्रवाई तुरंत रोकी जानी चाहिए। कस्वां ने मांग की कि यदि कोई वाहन नियम विरुद्ध संचालित पाया जाता है, तो नियमानुसार चालान कर उसे रवाना किया जाए, न कि जबरन जब्त किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी निजी बसों के विरुद्ध जब्ती की कार्रवाई कर मनमाना जुर्माना वसूल रहे हैं। यूनियन ने यह भी बताया कि यदि किसी वाहन के पास आवश्यक दस्तावेजों में से कोई एक उपलब्ध नहीं है, तो शेष दस्तावेज 15 दिन के भीतर प्रस्तुत करने का प्रावधान है। यूनियन ने केंद्र सरकार द्वारा लागू बॉडी कोड को मार्च 2026 के बाद निर्मित बसों पर ही लागू करने की मांग की। इसके अतिरिक्त स्टेज कैरिज बसों से लगेज कैरियर नहीं हटाने की मांग भी की गई। यदि इसे हटाया जाता है, तो डिग्गी को लंबा करने या आर-पार डिग्गी रखने की अनुमति देने का सुझाव दिया गया। यूनियन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो बस ऑपरेटर एसोसिएशन राजस्थान संघर्ष समिति के तत्वावधान में चूरू बस यूनियन 23 फरवरी से आंदोलन शुरू करेगी। ज्ञापन सौंपने वालों में मुकेश जांगिड़, श्रवण कुमार, बाबुलाल, मनीष, स्वरूप सिंह, नरेंद्र सिंह और शीशराम बेनीवाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।


