बांकीपुर समेत आधा दर्जन गांव प्रदूषण की चपेट में, ग्रामीणों का जीना हुआ मुहाल

भास्कर न्यूज | सरायकेला सरायकेला-खरसावां जिले की रापचा पंचायत अंतर्गत बांकीपुर गांव समेत आसपास के लगभग आधा दर्जन गांव इन दिनों गंभीर प्रदूषण की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में फैल रही धूल और अन्य प्रदूषणों के कारण उनका दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। अमलगम कंपनी द्वारा पूरे क्षेत्र में प्रदूषण फैलाया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार स्थिति इतनी खराब है कि घर के बाहर कोई भी सामान रखना मुश्किल हो गया है। कुछ ही देर में सामान धूल की मोटी परत से ढक जाता है। कपड़े सुखाना, अनाज सुखाना या बच्चों का बाहर खेलना तक दूभर हो गया है। लोगों का कहना है कि प्रदूषण के कारण सांस लेने में दिक्कत, खांसी, आंखों में जलन और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। बुजुर्गों और बच्चों पर इसका असर अधिक देखा जा रहा है। खेती-किसानी भी प्रभावित हो रही है। खेतों में धूल जमने से फसलों की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। पशुओं के चारे और पानी तक पर प्रदूषण का प्रभाव दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। गांव के राहुल महतो ने बताया कि संबंधित विभाग और प्रशासन से शीघ्र ठोस कदम उठाने की मांग की गई है। उनका कहना है कि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण, नियमित पानी का छिड़काव और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर कड़ी निगरानी जरूरी है, ताकि उन्हें स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके। जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने ग्रामीणों के आग्रह पर क्षेत्र भ्रमणकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि वास्तव में गांव के आसपास पूरे क्षेत्र में काले रंग की परत जम गई है। स्थिति ऐसी रही तो आने वाले कुछ ही दिनों में लोग भयंकर बीमारी के शिकार हो जाएंगे। उन्होंने प्रदूषण की रोकथाम को लेकर उपायुक्त से मिलने की बात कही। इधर, कंपनी के एचआर एडमिन तेजपाल ने बताया कि कंपनी प्रदूषण के मामले में सभी मानकों को पूरा करती है इसलिए प्रदूषण फैलने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक नीतियों के तहत कंपनी अपने पोषक क्षेत्र में सभी प्रकार के कार्य करती है।

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