बांके बिहारी के दर्शन को जारी की गई एडवाइजरी:बुजुर्ग और बच्चों को नहीं लाने की अपील; नए साल पर 25 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचेंगे वृंदावन

साल 2024 के अंत और नए साल 2025 पर अगर आप परिवार के साथ मथुरा-वृंदावन जाने की सोच रहे हैं तो थोड़ा रूक जाइए। बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन ने शनिवार को एडवाइजरी जारी की है। मंदिर प्रबंधन ने बुजुर्ग और बच्चों को अपने साथ नहीं लाने की अपील की है। मंदिर प्रबंधन का मानना है कि करीब 25 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे। प्रबंधन ने भीड़ की वजह से 25 दिसंबर से पांच जनवरी तक बीपी और शुगर के मरीजों, बीमार व्यक्तियों, बुर्जगों और दिव्यांगजनों, छोटे बच्चों व गर्भवती महिलाओं से भीड़ अधिक होने पर मंदिर न आने की अपील की है। भीड़ का हिस्सा बनने से बचें
बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन द्वारा जारी की गई एडवाइजरी में कहा गया है कि श्रद्धालु भीड़ का आकलन कर ही वृंदावन आएं,भीड़ का हिस्सा बनने से बचें। मंदिर में निर्धारित गेट से ही प्रवेश और निकास करें। मंदिर आने जाने के रास्ते अलग हैं इसलिए समस्याओं से बचने के लिए जूता चप्पल पहन कर न आएं। चेन,जेब कतरों से रहे सावधान
मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वह चैन, जेब कतरों से सावधान रहें। श्रद्धालु अपने परिजनों की जेब में नाम,पता और फोन नंबर की पर्ची अवश्य रखें। जिससे बिछड़ने पर सूचना दी जा सके। भीड़ में बुजुर्ग, बच्चे, बीमार, दिव्यांग हृदय रोग से पीड़ित लोगों को न लाएं। 25 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
25 दिसंबर से 5 जनवरी तक वृंदावन,बरसाना,गोवर्धन सहित मथुरा के विभिन्न धार्मिक स्थानों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। आकलन के अनुसार यहां इन दिनों में 25 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आ सकते हैं। यह संख्या और भी बढ़ सकती है क्योंकि प्रयागराज में 13 जनवरी से महाकुंभ शुरू होने जा रहा है। ऐसे में काफी श्रद्धालु मथुरा वृंदावन होकर प्रयागराज जा सकते हैं। हर साल 20 दिसंबर के आसपास बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन एक गाइडलाइन जारी करता है। 10 पॉइंट में जानिए पिछले साल की गाइडलाइन के बारे में… 1 – श्रद्धालु मंदिर प्रबंधन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा बनाए गए रूट चार्ट एवं नियमों का पालन करें। 2 – भीड़ के समय बुजुर्ग, दिव्यांगजन, छोटे बच्चों एवं बीमार व्यक्तियों को मंदिर परिसर में ना लाएं। 3 – मंदिर आते समय श्रद्धालु किसी प्रकार का कीमती सामान आभूषण अपने साथ लाए। 4 – श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश एवं निकास हेतु निर्धारित मार्ग का ही प्रयोग करें। 5 – मंदिर के पास जूता चप्पल रखने की कोई व्यवस्था नहीं है कृपया मंदिर में जूता चप्पल पहनकर ना आए उन्हें उचित स्थान पर ही उतार कर आए। 6 – जेबकतरों वह मोबाइल चोरों के सावधान रहे। 7 – बुजुर्गों और बच्चों की जेब में नाम-पता और फोन नंबर की पर्ची लिखकर रखें। 8 – किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की सूचना सुरक्षा कर्मचारी या पुलिस को जरूर दें। 9 – खोया पाया केंद्र मंदिर कार्यालय एवं बिहारी जी पुलिस चौकी पर बनाया गया है। जरूरत पड़ने पर वहां सूचना दें। 10 – रास्ते में खड़े होकर सेल्फी ना लें। दर्शन के बाद मंदिर परिसर और गलियों में खड़े न हों। इससे पहले मंदिर प्रबंधन ने कपड़ों को लेकर किया था आग्रह, पढ़िए मिनी स्कर्ट और कटे-फटे जींस पहनकर न आएं बांके बिहारी:साड़ी, सूट, पैंट-शर्ट में ही मिलेगी एंट्री; मंदिर मैनेजमेंट बोला- यह टूरिस्ट प्लेस नहीं मथुरा के बांके बिहारी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से कहा गया है कि मिनी स्कर्ट और कटे-फटे जींस पहनकर न आएं। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से मंदिर में मर्यादित कपड़े पहनकर आने का आग्रह किया है। इसके लिए श्रद्धालुओं के प्रवेश वाले रास्तों पर बैनर लगाए गए हैं। इन पर लिखा है- सभी महिलाएं और पुरुष मंदिर में मर्यादित कपड़े पहनकर आएं। छोटे कपड़े, हॉफ पैंट, बरमूड़ा, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट, कटी-फटी जींस पहनकर न आएं। मंदिर में साड़ी, सूट, पैंट-शर्ट जैसे मर्यादित कपड़े पहनकर ही आएं। पढ़िए पूरी खबर

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