डीडवाना में बांगड़ कॉलेज के 1975-76 बैच के पूर्व छात्र 50 साल बाद यहां एकत्रित हुए। इस अवसर पर उन्होंने अपने गुरुजनों का सम्मान किया। इस अनूठे मिलन समारोह में 40 पूर्व छात्र शामिल हुए। ये सभी मित्र पिछले 50 साल से अपनी मित्रता को जीवंत बनाए हुए हैं। विभिन्न राज्यों और देशों में रहने के बावजूद, यह समूह हर साल किसी तीर्थ या रमणीय स्थल पर 2 दिन साथ बिताता है। इस दौरान वे बचपन की यादें ताजा करते हैं और सुख-दुख साझा करते हैं। अग्रसेन वाटिका में हुआ समारोह
इस साल अपनी मित्रता के 50 साल पूरे होने पर सभी सदस्यों ने डीडवाना लौटने का निर्णय लिया। उनका उद्देश्य उन गुरुजनों का सम्मान करना था, जिन्होंने उन्हें शिक्षित किया और उनके जीवन को आकार दिया।
गुरुवार शाम 5 बजे अग्रसेन वाटिका में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया। इसमें 5 शिक्षकों को अभिनंदन पत्र, श्रीफल, माला और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित गुरुजनों में प्रो. भागीरथ सिंह शेखावत, डॉ. भीकमचंद प्रजापत, प्रो. बद्री पोसवाल, प्रो. रामप्रसाद और डॉ. गोपिकृष्ण राठी शामिल थे। गुरु-शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाने का संदेश
सम्मानित गुरुजनों ने अपने संबोधन में कहा कि आज के युग में पूर्व छात्रों द्वारा शिक्षकों का सम्मान किया जाना इस बात का प्रमाण है कि उनमें संस्कार आज भी जीवित हैं। उन्होंने भावी पीढ़ी को इससे प्रेरणा लेकर सामाजिक समरसता और गुरु-शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में डीडवाना नागरिक सभा कोलकाता के अध्यक्ष और परिषद सदस्य अरुण प्रकाश मलावत ने बताया कि सभी पूर्व छात्र 3 दिवसीय निजी कार्यक्रम के तहत डीडवाना पहुंचे हैं, जिसमें मनोरंजन और मिलन समारोह आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. गजादान चारण ने की। इस अवसर पर गायक सोमेश्वर नारायण शर्मा और एएसपी हिमांशु शर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।


