बांसवाड़ा के व्यापारी को धमकाया, दबाव बना कर फॉर्च्यूनर ली:मकान कब्जे में लेने आया तो FIR करवाई; हिस्ट्रीशीटर समेत 4 गिरफ्तार

बांसवाड़ा में व्यापारी को धमकाकर ब्याज वसूली करने और उसके नाम से लोन लेकर फॉर्च्यूनर लेने वाले हिस्ट्रीशीटर समेत 4 को पुलिस ने पकड़ा है। हिस्ट्रीशीटर पर प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा में 20 मुकदमे दर्ज हैं। हिस्ट्रीशीटर जब पीड़ित व्यापारी के पास उसके घर की पावर ऑफ अटॉर्नी अपने नाम करवाने आया तब व्यापारी ने पुलिस ने रिपोर्ट दी। एसपी सुधीर जोशी ने बताया- हिस्ट्रीशीटर समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शहर के व्यापारी को निशाना बनाने वाले शातिर बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 (संगठित अपराध) जोड़ी है। जिले के इतिहास में इस सख्त धारा के इस्तेमाल का यह पहला मामला है। संगठित अपराध में शामिल होने पर अब जमानत मिलना बेहद मुश्किल होगा। एसपी सुधीर जोशी ने बताया- व्यापारी की रिपोर्ट पर ​हिस्ट्रीशीटर अयूब खान पठान (चनियाखेड़ी, प्रतापगढ़), अब्दुल रब उर्फ बब्बू (मदार कॉलोनी, बांसवाड़ा), ​मोहम्मद आसिफ उर्फ हेरी (मदार कॉलोनी, बांसवाड़ा) और फैयाज (मन्दसौर, मध्य प्रदेश) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 (संगठित अपराध) जोड़ी है। जिले के इतिहास में इस सख्त धारा के इस्तेमाल का यह पहला मामला है। ​व्यापारी के नाम पर ली फॉर्च्यूनर, अब घर पर थी नजर पूछताछ में सामने आया कि हिस्ट्रीशीटर ने पीड़ित व्यापारी को न केवल धमकाया, बल्कि उसके नाम से 21 लाख रुपए जमा करवा कर लोन पर फॉर्च्यूनर भी फाइनेंस करवा ली थी। जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। आरोपी जबरन ब्याज पर पैसे देकर ब्लैकमेलिंग का खेल खेल रहा था। अयूब और उसके साथी व्यापारी का घर अपने नाम करवाने के लिए उसे डराने-धमकाने पहुंच गए। व्यापारी ने पुलिस को बताया कि दो बार 10-10 लाख, 5 लाख व 2 लाख उसके न कहने पर भी जबरन उसके खाते में आरोपी अयूब ने डाल दिए थे। व उसके बदले में 8 से 10 फीसदी कमीशन तुरंत ही बब्बू ले जाता था। और डरा धमका कर उससे ब्याज के नाम पर हर माह 10 से 12 प्रतिशत के हिसाब से पैसे वसूल करते थे। ​10-12 और व्यापारी रडार पर, खुलेगी पोल ​पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि इस गैंग ने शहर के करीब 10-12 अन्य व्यापारियों को भी ब्याज के जाल में फंसा रखा है। पुलिस अब उन सभी कड़ियों को जोड़ रही है ताकि यह पता चल सके कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। ​एसपी जोशी ने बताया कि जिले में कानून का इकबाल कायम रहे, इसके लिए हमने पहली बार संगठित अपराध की धारा 111 का प्रयोग किया है। पुणे फर्नीचर के मालिक के साथ हुई घटना में संलिप्त बदमाशों के खिलाफ यह एक नजीर बनेगी। शहर के किसी भी व्यापारी को डरने की जरूरत नहीं है, पुलिस उनके साथ खड़ी है। ​अयूब समेत अन्य आरोपी गिरफ्तार, संपत्ति की भी होगी जांच ​पुलिस ने आरोपी अयूब और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और उन्हें आर्थिक मदद देने वालों की तलाश कर रही है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि अपराध से बनाई गई संपत्तियों की भी जांच की जाएगी और अवैध साम्राज्य को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा। इस बड़ी कार्रवाई के बाद शहर के व्यापारिक संगठनों ने राहत की सांस ली है। पहले से दर्ज हैं मुकदमे ​अयूब खान: हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट, अपहरण, फिरौती, NDPS एक्ट जैसे गंभीर अपराधों के कुल 20 प्रकरण दर्ज हैं। यह एक हिस्ट्रीशीटर और आदतन अपराधी है। ​अब्दुल रब (बब्बू): मारपीट, चोरी, एससी/एसटी एक्ट, धोखाधड़ी जैसे अपराधों के 15 प्रकरण दर्ज हैं। ​मोहम्मद आसिफ उर्फ हेरी: डकैती, मारपीट और आईटी एक्ट के 4 प्रकरण दर्ज हैं। ​फैयाज: हत्या के प्रयास का 1 प्रकरण दर्ज है।

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