राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) और सीबीएसई की आगामी परीक्षाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने छात्रों की पढ़ाई में खलल रोकने के लिए कड़ा कदम उठाया है। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ड़ॉ. इंद्रजीत यादव ने मंगलवार को एक आदेश जारी कर पूरे जिले में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। छात्रों और बुजुर्गों की सुविधा के लिए लिया फैसला कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 12 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, जबकि मार्च में यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं भी होनी हैं। ऐसे में लाउडस्पीकर का तेज शोर विद्यार्थियों की एकाग्रता भंग कर सकता है। साथ ही, यह बीमार व्यक्तियों, बुजुर्गों और आम जनता के लिए भी बड़ी असुविधा का कारण बनता है। इसी को ध्यान में रखते हुए कोलाहल अधिनियम 1963 की धारा 5 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह रोक लगाई गई है। इन बातों का रखना होगा विशेष ध्यान: समय सीमा: रात 10:00 बजे से सुबह 06:00 बजे तक किसी भी प्रकार का शोर करने वाले यंत्रों का प्रयोग वर्जित रहेगा। अनुमति अनिवार्य: विशेष परिस्थितियों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के लिए संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट (SDM) से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। कार्यवाही: आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोलाहल अधिनियम की धारा 6 के तहत सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी। कब तक प्रभावी: यह आदेश आज 10 फरवरी से लागू हो गया है, जो 09 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा।


