बांसवाड़ा MG हॉस्पिटल में अब 151 जांचे होंगी फ्री:1 घंटे में 1200 लोगों की जांच हो सकेगी; पहले सिर्फ 82 जांचें होती थीं

बांसवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में मुख्यमंत्री फ्री जांच योजना के तहत जांच सुविधाओं में बड़ा विस्तार किया गया है। जहां पहले हॉस्पिटल लैब में सिर्फ 82 पैथोलॉजी जांचें होती थीं, अब यह संख्या बढकर 151 हो गई है। हब और स्पोक मॉडल पर आधारित इस व्यवस्था से सभी जांचें एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी और मरीजों को निजी लैब में नहीं जाना पड़ेगा। 1 घंटे में 1200 लोगों की जांच हो सकेगी है। एमजी हॉस्पिटल बनेगा हब, छोटे सेंटर होंगे स्पोक पीएमओ डॉ. दिनेश माहेश्वरी ने बताया कि यह योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन राजस्थान के तहत शुरू की गई है। इसमें कृष्णा डायग्नोस्टिक लिमिटेड को पीपीपी पार्टनर बनाया गया है। इस मॉडल में एमजी हॉस्पिटल को हब के रूप में विकसित किया गया है, जहां आधुनिक मशीनों से जांचें होंगी। आसपास के छोटे चिकित्सा केंद्रों से सैंपल लेकर जांच के लिए यहां भेजे जाएंगे। निजी लैब पर निर्भरता होगी खत्म हब और स्पोक मॉडल लागू होने के बाद मरीजों को रिपोर्ट के लिए भटकना नहीं पडेगा। अब गंभीर बीमारियों से जुड़ी जांचें भी सरकारी हॉस्पिटल में ही उपलब्ध होंगी। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी और इलाज में देरी की समस्या भी कम होगी। कुल 151 तरह की जांचें रहेंगी फ्री एमजी हॉस्पिटल की लैब में कुल 151 प्रकार की पैथोलॉजी जांचें फ्री उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें सामान्य, विशेष और एडवांस सभी श्रेणी की जांचें शामिल हैं। सामान्य जांचों की पूरी सुविधा रूटीन जांचों में सीबीसी, ब्लड शुगर, लिवर फंक्शन टेस्ट और रिनल फंक्शन टेस्ट शामिल हैं। इन जांचों की जरूरत अधिकतर मरीजों को नियमित इलाज के दौरान पड़ती है, जो अब हॉस्पिटल में ही हो सकेंगी। गंभीर बीमारियों की जांच भी सरकारी हॉस्पिटल में डेंगू के लिए एनएस1 और आईजीएम, मलेरिया, एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों से जुड़ी जांचें भी फ्री की जाएंगी। पहले इन जांचों के लिए मरीजों को निजी लैब पर निर्भर रहना पड़ता था। कैंसर और हार्मोन से जुडी जांचें भी शामिल स्पेशल जांचों में कैंसर मार्कर जैसे पीएसए और सीए 125, विटामिन बी12 और डी, टीएसएच और प्रोलेक्टिन जैसे हार्मोनल टेस्ट शामिल किए गए हैं। इससे कैंसर और हार्मोनल समस्याओं की समय पर पहचान आसान होगी। पीसीआर और बायोप्सी जैसी एडवांस जांच हॉस्पिटल में पीसीआर टेस्ट भी किए जाएंगे, जिनमें एचसीवी और एचबीवी के लिए वायरल लोड जांच शामिल है। इसके साथ ही बायोप्सी यानी हिस्टोपैथोलॉजी जांच की सुविधा भी शुरू की जा रही है। एक घंटे में 1200 रिपोर्ट की क्षमता जानकारी के अनुसार अब मरीजों को रिपोर्ट के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पडेगा। लैब में एक घंटे में करीब 1200 जांच रिपोर्ट तैयार करने की क्षमता होगी। इससे मरीजों को जल्दी रिपोर्ट मिलेगी और इलाज तेजी से शुरू हो सकेगा।

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