भास्कर न्यूज | राजनांदगांव चुनावों में लगातार हार झेल रही कांग्रेस में अब अंदरुनी कलह शुरू हो गई है। डोंगरगांव ब्लाक कांग्रेस कमेटी की बैठक में यह खुलकर सामने आई है। ब्लाक अध्यक्ष ने दो जिला पंचायत सदस्यों को पार्टी से निष्कासित करने का निर्णय ले लिया। जिसके बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ब्लाक अध्यक्ष को नोटिस जारी किया है। इसे अनुशासनहीनता बताया है। दरअसल बीते दिनों डोंगरगांव ब्लाक कांग्रेस कमेटी की बैठक हुई। जिसमें बागी होकर जिला पंचायत का चुनाव लड़ने और जीतकर आए क्षेत्रीय नेता महेंद्र यादव और विभा साहू को पार्टी से निष्कासित करने का निर्णय लिया गया। ब्लाक अध्यक्ष चेतन दास साहू व पदाधिकारियों की मौजूदगी में यह निर्णय लिया। वहीं कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष भागवत साहू के खिलाफ भी बैठक में निंदा प्रस्ताव लाया गया। जबकि यह ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अधिकारों में शामिल ही नहीं है। मामला सार्वजनिक होते ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू ने ब्लाक अध्यक्ष चेतन दास साहू को नोटिस जारी किया है। उन्होंने जारी नोटिस में इस हरकत को गंभीर अनुशासनहीनता बताया। अध्यक्ष साहू को तीन दिन में नोटिस का जवाब भी मांगा गया है। दरअसल विभा साहू और महेंद्र यादव को कांग्रेस ने जिला पंचायत के लिए अधिकृत प्रत्याशी नहीं बनाया। इसके बाद भी दोनों ने बागी होकर चुनाव लड़ा। इसके बाद दोनों ने जीत भी दर्ज की। आरोप था कि क्षेत्रीय नेताओं ने ही दोनों को अधिकृत करने का विरोध किया था। विभा साहू व महेंद्र यादव प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य भी है। जिन्हें निष्कासित करने का अधिकारी ब्लाक कमेटी के पास नहीं है। इसके बाद भी बैठक में ऐसा निर्णय लिया गया। विधायक की मौजूदगी में जिला अध्यक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव ब्लाक कांग्रेस कमेटी की जिस बैठक में दोनों जिपं सदस्यों को निष्कासित किया गया। उसमें ग्रामीण जिलाध्यक्ष भागवत साहू के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी लाया गया। गंभीर बात यह है कि इस बैठक में डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू भी मौजूद थे। पीसीसी ने जिलाध्यक्ष पर लाए गए निंदा प्रस्ताव को भी गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा है। पीसीसी अध्यक्ष ने साफ किया है कि बगैर प्रदेश संगठन को विश्वास में लिए ऐसा निर्णय लिया गया है। पीसीसी नेताओं ने नाराजगी जताई है।


